यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा की दो चरणों में आयोजित परीक्षा में 1400 से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
इस परीक्षा में केवल 3558 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। इसके लिए यूजीसी के समन्वयक केंद्र वाईएमसीए यूनिवर्सिटी सहित नौ परीक्षा केंद्रों को बनाया गया था।
लेकिन परीक्षाओं के परिणाम में होने वाली गड़बड़ियों और सरकार की वोट आधारित राजनीति की वजह से प्रतिभाओं को मौका न मिलने की वजह से युवा पब्लिक सेक्टर से दूरी बनाते जा रहे हैं।
परीक्षा का प्रथम चरण सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरे चरण में दोपहर 1:30 बजे से 4:00 बजे तक आयोजित कराया गया।
परीक्षा के लिए देर रात से ही शहर में परीक्षार्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की लाइनें लगनी शुरू हो गई थी।
वाईएमसीए यूनिवर्सिटी कोर्डिनेटर तिलक राज ने बताया कि परीक्षा केंद्र अधीक्षकों ने सभी केंद्रों पर शांतिपूर्वक परीक्षा होने की बात कही है।
प्रथम चरण की परीक्षा में 693 और दूसरे चरण की परीक्षा में 715 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। ऐसे में कुल 1408 परीक्षार्थी इस परीक्षा में अनुपस्थित पाए गए। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर यूजीसी को भेजी जा रही है।