विद्यार्थियों को स्किल्ड बनाने की शुरुआत अब स्कूल स्तर पर होगी। नौवीं कक्षा से ही बच्चों को वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी।
शुक्रवार को महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्था में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा विभाग और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन के बीच एमओयू साइन किया गया।
समझौते पर एनएसडीसी के सीईओ अतुल भटनागर और डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन जीके सिंह ने दस्तखत किए। इस मौके शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत चीमा व प्रमुख सचिव अंजलि भांवरा भी मौजूद थीं।
पहले सौ स्कूलों में लागू होगी यह योजना
डॉ. चीमा ने बताया कि एनएसडीसी की ओर से तैयार की गई वोकेशनल ट्रेनिंग स्कीम को पहले चरण में सौ स्कूलों में लागू किया जाएगा। इसके तहत नौवीं से बारहवीं कक्षा तक बच्चों को वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी।
चारों साल को अलग चरणों में बांटा गया है, हर क्लास के बाद उस चरण का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इससे पता चलेगा कि विद्यार्थी कितना स्किल्ड है।
इसका सिलेबस आईआईटी और आईआईएम के माहिरों ने तैयार किया है। जोकि इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक है, ताकि प्लेसमेंट में मदद मिले।
इन कोर्सेज की ट्रेनिंग दी जाएगी
पहले चरण में छह ट्रेड हेल्थ केयर, आईटी, रिटेल, ऑटोमोबाइल, सिक्योरिटी और ब्यूटी एंड वेलनेस की ट्रेनिंग शुरू की जाएगी। हर जिले के चार-पांच स्कूलों को इसके लिए चुना जाएगा। इससे लगभग पांच हजार विद्यार्थियों को फायदा पहुंचेगा। दूसरे चरण में सौ अन्य स्कूलों में ट्रेनिंग शुरू की जाएगी।
इस केंद्रीय स्कीम को लागू करने वाला पंजाब सातवां राज्य है। चुने गए सौ स्कूलों के प्रिंसिपल व सभी डीईओ को एनएसडीसी के कंस्लटेंट शाहबाज मोहम्मद खान और विभाग के डिप्टी डायरेक्टर तोता सिंह ने ट्रेनिंग दी। इस मौके शिक्षा सचिव राहुल भंडारी, विशेष सचिव गुरदीप सिंह, डीपीआई कमल गर्ग भी मौजूद थे।
हरियाणा ने मांगा पंजाब का प्रस्ताव
शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव अंजलि भांवरा ने कहा कि पंजाब विधानसभा ने हाल ही में स्कूल परीक्षाओं से संबंधित जो प्रस्ताव पास किया है, उसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। हरियाणा ने भी वह प्रस्ताव मांगा है। अन्य कई राज्यों की भी मांग है कि स्कूलों में पहली से आठवीं की परीक्षाएं फिर शुरू की जाएं।