मौसम के बदले मिजाज और चिलचिलाती धूप के साथ चढ़ते पारे के चलते संक्रामक रोग हावी होता जा रहा है। अस्पताल पहुंचने वाले सबसे अधिक रोगी डायरिया, बुखार और टायफायड के हैं।
लोहिया अस्पताल में बृहस्पतिवार को पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी हॉल खचाखच भरा था। अस्पताल के डॉ. संदीप चौधरी बताते हैं कि बदलते मौसम में अगर थोड़ा सा ध्यान रखा जाए तो बीमार होने से बचा जा सकता है।
सिविल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वीवी त्रिपाठी बताते हैं कि हर दिन ओपीडी में सौ से अधिक मरीज उल्टी-दस्त व बुखार की शिकायत के बाद आ रहे हैं।