पंजाब यूनिवर्सिटी में लड़कियों की सुविधाओं की मांगो को लेकर देर रात एनएसयूआई के नेता और कार्यकर्ता हॉस्टल नंबर 4 कस्तूरबा हॉल के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
इसी दौरान वहां पूसू और जीजीएसयू के समर्थक और छात्र नेता पहुंचे। छेड़खानी और लड़कियों पर कमेंट करने को माहौल एकाएक गरम हो गया और दोनों पक्षों में जबरदस्त लात घूंसे चलने लगे। तनावपूर्ण और हिंसक घटना होने के बाद आनन फानन पुलिस को सूचना दी गई।
इसी बीच मौके पर और हॉस्टल वार्डन और चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर जिंतेंद्र ग्रोवर पहुंचे। उन्होंने माहौल को शांत करवाने की कोशिश की। घटनास्थल पर पुलिस आने से पहले ही सभी हमलावर फरार हो गए थे।
हिंसक घटना पर एनएसयूआई के सीनियर छात्र नेता मनोज लुबाना ने आरोप लगाया कि मारपीट करने वाले सभी बाहरी छात्र थे। उनका पंजाब यूनिवर्सिटी से कोई लेना देना नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में बीते एक दो माह में मारपीट की छह सात घटनाएं घट चुकी है। इनसभी
वारदात में आउटसाइडर के शामिल होने की बात कही जा रही है।
पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन कैंपस में हिंसक घटनाओं को रोकने में अबतक नाकाम सिद्ध हुई है। सिंतंबर में पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्र संघ के चुनाव को देखते हुए छात्र संगठन और नेताओं में मारपीट की घटनाएं एकाएक बढ़ गई है।