एलयू व डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट के कॅरिअर पर गुरुजी की
छुट्टियां भारी पड़ सकती हैं।
पीजी में दाखिले की प्रक्रिया अभी 30 सितंबर
को खत्म हुई है और दिसंबर में इनकी फर्स्ट सेमेस्टर परीक्षाएं होनी हैं।
पीजी की सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए यूजीसी के निर्देशानुसार कम से कम 90
दिन की पढ़ाई जरूरी है। अभी जो हाल है उसमें 90 दिन की पढ़ाई करवाना चुनौती
है।
पढ़ें- LU के 'चोर' गुरुजी को हाईकोर्ट से लगा झटका
ऐसे में अगर दशहरा पर दस दिन की छुट्टियां हो गईं तो उन्हें कोर्स
पूरा करने में दिक्कत होगी। पूर्व कुलपति
जी. पटनायक ने इसी के चलते बीते वर्ष दशहरे की छुट्टियां घटाकर दो दिन कर
दी थी।
पढ़ें-
लखनऊ यूनिवर्सिटी में एक विंडो से मिलेंगे सभी सर्टिफिकेट
उस समय शिक्षकों ने कोई विरोध नहीं किया था। मगर अब इस व्यवस्था को
बदलने की मांग की जा रही है। लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय कहते हैं
कि शिक्षक छात्रों के कॅरिअर के प्रति पूरी तरह संजीदा हैं।
हम एक्सट्रा
क्लासेज लगाकर पढ़ाई पूरी करवाने में पीछे नहीं हटते। फिर दशहरा पर तो दस
दिन की छुट्टियां वर्षों से दी जा रही हैं।
पढ़ें-
तमाम कोशिशों के बावजूद डूब गए एलयू के 38 कोर्स
अगर विवि प्रशासन खुद प्रवेश की
प्रक्रिया में लेटलतीफी कर रहा है तो इसका खामियाजा विश्वविद्यालय व
डिग्री कॉलेजों के शिक्षक क्यों भुगतें। हम कुलपति डॉ. एसबी निमसे से दशहरा
की छुट्टियां पुरानी व्यवस्था के अनुसार देने की मांग करेंगे।
लखनऊ की और खबरों के लिए क्लिक करें-