उत्तराखंड बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के तीन लाख 19 हजार छात्रों को अब प्रमाणपत्र के लिए इंतजार नहीं करना होगा। बोर्ड पहली बार इस शिक्षा सत्र (2014-15) से मार्कशीट के साथ ही सर्टिफिकेट भी जारी करने वाला है।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद इसका प्रारूप फाइनल कर चुकी है। इसका नाम प्रमाण सह अंकपत्र रखा गया है। माना जा रहा है कि बोर्ड की इस कवायद से शैक्षिक प्रमाणपत्र बनाने का फर्जीवाड़ा करने वालों पर भी लगाम कसी जा सकेगी। फेल होने वाले बच्चों को सिर्फ मार्कशीट दी जाएगी, जबकि उत्तीर्ण छात्रों को ही प्रमाण सह अंकपत्र दिया जाएगा।
ऐसा होगा प्रारूप
प्रमाणपत्र में पांच कॉलम अनुक्रमांक, जनपद और विद्यालय कोड, संस्थागत, व्यक्तिगत, परीक्षा प्रवर्ग और प्रमाणपत्र क्रमांक हैं। इनके अलावा इसमें परीक्षार्थी की मां का नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और इसके बाद उत्तीर्ण परीक्षा का विवरण दिया जाएगा। इसमें परीक्षा में विषयवार अंक, कुल अंक, प्रतिशत आदि दर्ज होंगे।
छात्रों को सहूलियत
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था से परीक्षार्थियों को सहूलियत होगी। उन्हें अलग-अलग दो प्रमाणपत्र संभालने नहीं पड़ेंगे। रिजल्ट घोषित होने के बाद प्रमाणपत्र के लिए लंबा इंतजार भी नहीं करना पड़ेेगा।
इस बार हाईस्कूल में एक लाख 73 हजार 226 और इंटरमीडिएट में एक लाख 45 हजार 914 बोर्ड परीक्षार्थी बैठ रहे हैं। परिषद का प्रमाण सह अंकपत्र डिजिटल प्रारूप पर तैयार किया जाएगा, जिससे लाखों परीक्षार्थियाें का सुविधा मिलेगी।
-डा. दयाकृष्ण मथेला, सचिव, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा एवं परीक्षा परिषद रामनगर
पूरा रिजल्ट डिजिटल शीट पर तैयार किया जाएगा। इससे आसानी से फर्जी प्रमाणपत्र नहीं बनाए जा सकेंगे। संगठन की मांग पर ही विभाग की ओर से यह पहल की गई है।
- ईवी कुमार, प्रांतीय महामंत्री, माध्यमिक शिक्षक संघ