उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने शनिवार को बोर्ड परीक्षा-2014 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 मार्च से 12 अप्रैल तक चलेंगी।
कम गैप में होंगी परीक्षाएं
इस अवधि में दो रविवार पड़ने के साथ ही 8 अप्रैल को रामनवमी का सरकारी अवकाश पड़ रहा है और परीक्षार्थियों को पूरी परीक्षा में सिर्फ इन्हीं तीन दिनों का गैप मिलेगा। यह पहला मौका है जब कम गैप में जल्द परीक्षाएं कराई जा रही हैं।
पढ़ें, राजनीति छोड़ 'नेताजी' चला रहे सेक्स रैकेट
विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव डा. डीके मथेला ने बताया कि इस वर्ष पंचायत चुनाव के चलते परीक्षाओं को कम समय में निपटाना पड़ रहा है। बता दें कि इस समय पहाड़ के अधिकांश सरकारी स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां हैं।
पढ़ें, 'लालच' में कांग्रेस के विधायकों ने दिल्ली में डाला डेरा
ऐसे में विद्यालयों के पास हाईस्कूल और इंटर का कोर्स पूरा करने के लिए फिर कम समय रहेगा। विद्यार्थियों को भी ढाई महीने के भीतर अपनी तैयारियां पूरी करनी हैं।
आठ घंटे सोएं, बेहतर नंबर पाएं
बोर्ड परीक्षा का तनाव छात्रों पर इस कदर हावी होता है कि उनका दिन का चैन, रातों की नींदें उड़ जाती हैं। अकसर छात्र रात-रातभर जागकर परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह कवायद उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
पढ़ें, तो क्या इसने लगाई थी बांद्रा एक्सप्रेस में आग?
विशेषज्ञ मानते हैं कि परीक्षा की तैयारी के बीच आठ घंटे की पूरी नींद लेना बहुत जरूरी है। नींद अधूरी रही तो छात्रों को याददाश्त कमजोर होने की दिक्कत से जूझना पड़ सकता है। देर रात तक पढ़कर सुबह जल्दी उठने वाले छात्र रात का पढ़ा हुआ भूल सकते हैं।
स्पेशलिस्ट के टिप्स
-अगर हो सके तो रात दस बजे तक सो जाना चाहिए, सुबह पांच बजे उठकर पढ़ना बेहतर है
-कम से कम आठ घंटे की नींद पढ़ाई के इस वक्त में होनी जरूरी है
-नींद के आठ घंटों में से एक घंटे दिन में भी नींद लेना एक विकल्प हो सकता है
-रात को सोने से पहले हल्का भोजन करें, जितनी देर तक पढ़ेंगे कम नींद आएगी
-जिस कमरे में पढ़ें, उसमें टीवी न रखें, इससे पढ़ाई में व्यवधान होता है
पढ़ें, यूपी के लोड से उत्तराखंड की बत्ती गुल
-रात को सोने से पहले गुनगुने पानी से पैर धो लें, अच्छी नींद आएगी
-अपने कमरे में रात को तेज रोशनी न करें, इससे बार-बार नींद खुलने की समस्या होती है
-सुबह उठकर हल्का नाश्ता करें, जैसे एक गिलास दूध और कुछ फल आदि
-दो-दो घंटे के अंतराल में पढ़ाई करें, दो घंटे बाद थोड़ी देर टहलना बेहतर रहेगा
(एजूकेशन काउंसलर डॉ. रश्मि वाधवा ने बताया)