हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले उर्दू शिक्षकों को जामिया समेत दिल्ली के विशेषज्ञों ने बारीकियों से रूबरू करवाया। दस दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम में शिक्षकों को साहित्य, भाषा और कठिनाइयों आदि के संबंध में पढ़ाया गया।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग और उर्दू टीचिंग एंड रिसर्च सेंटर सोलन की सिफारिश पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया की अकेडमी ऑफ प्रोफेशनल डेवलेपमेंट ऑफ उर्दू मीडियम टीचर (एपीडीयूएमटी) ने उर्दू शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम चलाया था।
दस दिवसीय प्रोग्राम के लिए हिमाचल के सरकारी स्कूलों से 30 शिक्षकों को दिल्ली भेजा गया था, जिसमें उन्हें भाषा की दक्षता देने के लिए जामिया, दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू समेत उर्दू के सेवानिवृत्त शिक्षकों ने ट्रेनिंग दी।
एपीडीयूएमटी के हेड प्रो. गजमफर के मुताबिक, ट्रेनिंग के तहत उर्दू शब्दकोश, शेरो-शायरी, उर्दू फिक्शन, कविता, उर्दू पढ़ाने व बोलने का ढंग, बाजार में उपलब्ध साधन, भाषा की प्रमुखता, उर्दू प्रसार के काल, उर्दू ट्रेंड आदि के बारे में विस्तार से समझाया गया। इस दौरान किताबी ज्ञान के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी गई।
शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के लिए विशेषज्ञों के साथ-साथ उर्दू भाषा के 20 से अधिक रिसर्च स्कॉलर्स ने भी सहयोग दिया, जिसमें उर्दू भाषा में आ रही तब्दीलियों पर फोकस किया गया। ट्रेनिंग लेने वाले शिक्षक अब हिमाचल जाकर अन्य शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे।