इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए इंडस्ट्री आपके मेंटर की भूमिका में होगी। बीटेक के चार साल की पढ़ाई के दौरान स्टूडेंट इंडस्ट्री की विजिट कर सकेंगे। यही नहीं, इंडस्ट्री के साथ मिलकर प्रयोगिक ज्ञान भी हासिल किया जा सकेगा।
साथ ही पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद भी दी जाएगी। इंजीनियरिंग वॉच की ओर से यह सुविधा छात्रों को दी जाएगी। इस वर्ष पूरे देश में करीब 10 हजार स्टूडेंट्स इसका लाभ ले सकेंगे।
अभी तक मात्र 150 के करीब छात्र ही इस फैलोशिप का लाभ ले पाते थे। उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) ने सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को इस फैलोशिप के तहत लाभ दिलाने की कोशिश करें।
इंजीनियरिंग वॉच स्टूडेंट्स का थ्री स्टेज पर स्क्रीनिंग करेगा। इसमें इंजीनियरिंग कॉलेजों की सीनियर फैकल्टी स्टूडेंट्स का इंटरव्यू लेंगे।
इससे स्टूडेंट्स को यह फायदा होगा कि वे सीधे इंडस्ट्री के संपर्क में रहेंगे और उन्हें यह मालूम रहेगा कि उद्योग जगत की जरूरतें क्या हैं? प्रायोगिक ज्ञान भी ढंग से हासिल कर सकेंगे।
एक इंडस्ट्री स्टूडेंट को पूरे चार साल तक अपना मार्गदर्शन करेगी। इसके बाद स्टूडेंट्स को आगे जॉब मिलने में भी आसानी होगी। साथ ही आर्थिक मदद भी मिलेगी।
स्टूडेंट्स के लिए यह अच्छा मौका होगा। संस्थान व स्टूडेंट वेबसाइट www.ewfellowships.in पर इस फैलोशिप के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।