उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) से जुड़े 700 से ज्यादा कॉलेजों के लगभग 38 हजार फैकल्टी मेंबर का डाटाबेस तैयार किया जाएगा।
इसके लिए कॉलेजों को अपने शिक्षकों का बायोडाटा यूनिवर्सिटी को उपलब्ध कराना होगा। डाटाबेस में शामिल फैकल्टी को ही यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक और परीक्षा संबंधी कामकाज में शामिल किया जाएगा।
दरअसल, यूनिवर्सिटी के एकेडमिक मॉनिटरिंग सिस्टम (एएमएस) के कामकाज में फैकल्टी डाटाबेस भी अहम हिस्सा है। यूपीटीयू के दोबारा गठन के बाद इसे प्रदेश स्तर पर तैयार किया जा रहा है।
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इसके लिए यूपीटीयू ने 10 अप्रैल तक सभी कॉलेजों को अपने शिक्षकों का बायोडाटा कॉलेज लॉगिन के जरिये उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद फैकल्टी की एक आईडी तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर ही छात्रों को सेशनल नंबर दिए जाएंगे।
ये अपडेटेशन सभी कॉलेजों के हर विभागों की फैकल्टी के लिए जरूरी है। बिना डाटाबेस के मई में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के पेपर बनाने, मूल्यांकन और प्रैक्टिकल जैसे कामकाज में शिक्षकों को शामिल नहीं किया जाएगा।
रिजल्ट रुका पर फॉर्म भरेंगे
यूपीटीयू के सत्र 2013-14 की दिसंबर-जनवरी में हुई विषम सेमेस्टर परीक्षाओं में जिन छात्रों का रिजल्ट रोका गया है, उन्हें मई की सम सेमेस्टर परीक्षा के फॉर्म भरने की इजाजत होगी। साथ ही इन छात्रों को परीक्षा में बैठने का भी मौका मिलेगा। मान्यता व पंजीकरण का यह मामला हाईकोर्ट के संज्ञान में है। कोर्ट के दखल पर ही छात्रों को रोका जा सकता है।