उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय ने परीक्षा से संबंधित शुल्क में कई गुना बढोतरी कर दी है। इसके बाद अब यूपीटीयू से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजो में अब पढ़ाई मंहगी हो गई।
माइग्रेशन शुल्क में 10 गुना बढ़ोतरी, एनरोलमेंट शुल्क में करीब पांच गुने की बढ़त, परीक्षा शुल्क भी डेढ़ गुना बढ़ा दिया गया है। वहीं, मार्क्सशीट के सत्यापन के लिए भी अब 100 रुपये चुकाने होंगे।
अब तक इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। इसी तरह बैक पेपर व स्क्रूटनी में भी अब विलंब शुल्क 200 रुपये लिया जाएगा।
फिलहाल, यूपीटीयू से संबद्ध करीब 850 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब चार लाख छात्रों को अब पहले से अधिक फीस चुकानी होगी।
उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय की वित्त समिति की बैठक में परीक्षा से संबंधित शुल्क की वृद्धि पर मुहर लगाई जा चुकी है।
वित्त अधिकारी वीरेंद्र चौबे की ओर से सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों के निदेशकों व प्राचार्यों को परीक्षा संबंधित शुल्क में हुई बढ़ोतरी के बारे में जानकारी दे दी गई है।
अभी तक स्टूडेंट्स से माइग्रेशन व डुप्लीकेट माइग्रेशन का शुल्क केवल 50 रुपए ही लिया जाता था लेकिन अब वह 10 गुना बढ़ा दिया गया है।
अब माइग्रेशन शुल्क 500 रुपये लिया जाएगा। वहीं, स्टूडेंट्स से एनरोलमेंट फीस के 100 रुपये की जगह अब 500 रुपये लिया जाएगा।
प्रति सेमेस्टर परीक्षा शुल्क 3000 रुपये की जगह 5000 रुपये कर दिया गया है। डुप्लीकेट डिग्री का शुल्क 200 रुपये की जगह 1000 रुपये कर दिया गया है।