उत्तर प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और व्यावसायिक कोर्स संचालित करने वाले 700 से ज्यादा कॉलेजों में एडमिशन के लिए यूपी स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (यूपी-एसईई) के रजिस्ट्रेशन 15 मार्च से शुरू होकर 5 अप्रैल तक चलेंगे।
दो सप्ताह देर से शुरू हो रही प्रक्रिया में सिर्फ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होंगे। इस बार ओएमआर फॉर्म का पैटर्न खत्म कर दिया गया है। 20 अप्रैल को बीटेक समेत यूजी कोर्सेज की ऑफलाइन परीक्षा होगी।
27 अप्रैल को एमबीए-एमसीए, एएम और एमसीए लेटरल एंट्री का ऑनलाइन एग्जाम होगा। मई के अंत में रिजल्ट और जून में काउंसलिंग शुरू हो जाएगी।
इस साल हुए हैं नए प्रयोग
इस साल एसईई में कुछ नए प्रयोग और सुविधाएं शुरू करते हुए पहली बार कॉलेजों में हेल्प डेस्क बनाई गई है। इसकी सुविधा प्रदेश के 40 जिलों के 140 कॉलेजों में मिलेगी।
यहां से छात्र अपना एसईई फॉर्म भर सकते हैं। बैंक चालान या डेबिड/क्रेडिट कार्ड के अलावा इस बार फॉर्म की फीस भरने के लिए नेट बैंकिंग का भी लाभ मिलेगा।
यूपीटीयू के वीसी प्रोफेसर आरके खांडल ने बताया कि यूपी एसईई के लिए शासनादेश मिल गया है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 मार्च से 5 अप्रैल तक चलेगी। छात्रों को ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत है तो वे अपने नजदीकी इंजीनियरिंग कॉलेज की हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं।
दूसरे स्टेट में भी होगी परीक्षा
यूपीटीयू के सरकारी और निजी कॉलेजों के अलावा एसईई के जरिये प्रदेश के दस अन्य विवि में एडमिशन होगा। सात यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग कॉलेज/डिपार्टमेंट की 1380, एक में बीआर्क की 40, पांच में फार्मेसी की 300 में मौका मिलेगा।
10 विवि के 11 कॉलेजों में एमबीए की 1371 और आठ विवि में एमसीए की 445 सीट पर एडमिशन होगा।
यूपी के अलावा कई अन्य राज्यों में भी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, लेकिन प्रदेश सरकार का यूपी डोमेसाइल का नियम बरकरार रहेगा। जिस भी राज्य में परीक्षा होगी, वहां के छात्रों के पास अपने अभिभावकों का यूपी डोमेसाइल होना जरूरी है।