सीबीएसई की सीसीई (सतत मूल्यांकन) स्कीम के तहत नौवीं में पढ़ने वाले छात्रों के अब एसए (समेटिव असेसमेंट) में 25 फीसदी से कम अंक आने पर उनके ग्रेड अपग्रेड नहीं होंगे।
अभी तक 19 से 33 के बीच अंक मिलने पर स्टूडेंट्स के ग्रेड अपडेट हो जाते थे। इसके साथ ही बोर्ड ने एक सत्र में होने वाले दो एसए के लिए पासिंग मार्क्स के रूप में 25 फीसदी अंक लाना अनिवार्य कर दिया है।
इसी तरह 25 फीसदी ई-1 व ई-2 ग्रेड अपग्रेड नहीं हो सकेंगे। छात्रों को जारी की जाने वाली परफॉर्मेंस प्रोफाइल (रिपोर्ट कार्ड) में भी बदलाव किए गए हैं।
सीबीएसई की एकेडमिक, रिसर्च, ट्रेनिंग एंड इनोवेशन निदेशक डॉ. साधना पराशर ने सर्कुलर जारी कर बदलाव के संबंध में स्कूलों को इस जानकारी से शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों को परिचित कराने को कहा है।
बोर्ड ने अब एसए के लिए 25 फीसदी पासिंग अंक निर्धारित कर दिए हैं। इससे कम अंक होने पर ई-1 व ई-2 को अपग्रेड नहीं किया जाएगा।
जबकि अभी तक अगर किसी छात्र को कुल ग्रेड प्वाइंट 19 से 33 के रेंज में मिलते थे, तो उसके ग्रेड अपग्रेड हो जाते थे। गौरतलब है कि ई-1 ग्रेड की रेंज 21 से 31 और ई-2 ग्रेड की रेंज 20 और उससे कम की निर्धारित है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अंग्रेजी विषय का असेसमेंट स्पीकिंग एंड लिसनिंग स्किल (एएसएल) समेटिव-1 व समेटिव-2 का ही हिस्सा होगा।
मार्च में पहली बार हो रहा ओपन टेक्स्ट बेस्ड असेसमेंट (ओटीबीए) समेटिव असेसमेंट-2 के प्रश्न पत्र में ही शामिल होगा। ओटीबीए के लिए स्कूलों को अलग से ग्रेड को केलकुलेट करने की जरूरत नहीं है।
एलपीएस गोमती नगर की प्रिंसिपल रुपाली पटेल ने सीबीएसई के बदलावों का स्वागत किया है।