यूपी बोर्ड परीक्षा में सेंटर बनने के लिए राजधानी में केवल दो दर्जन
कॉलेजों ने अपना ब्यौरा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को सौंपा है।
यूपी
बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनाने के लिए डीआईओएस ने सभी कॉलेजों से
अनिवार्य रूप से सूचना मांगी थी। मंगलवार को सूचना देने का अंतिम दिन है
लेकिन यूपी बोर्ड के 687 में से महज दो दर्जन स्कूलों ने अपनी सूचना भेजी
है।
यूपी बोर्ड में परीक्षा केंद्र बनाने
की प्रक्रिया चल रही है। परीक्षा केंद्र बनाने के लिए सभी कॉलेजों से बोर्ड
द्वारा निर्धारित प्रपत्र में सूचना मांगी गई थीं।
कॉलेज को मुख्य रूप से
छात्र व शिक्षकों की संख्या, फर्नीचर की स्थिति, बाउंड्रीवाल की स्थिति के
साथ ही पिछले साल परीक्षा में पकडे़ गए नकलचियों का ब्यौरा भी उपलब्ध कराना
था।
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...तो इस बार वाकई नहीं होगी यूपी बोर्ड में नकल?
लेकिन आदेश के एक सप्ताह बीतने के बावजूद अभी तक केवल दो दर्जन
कॉलेजों ने ही अपना ब्यौरा उपलब्ध कराया है। उप जिला विद्यालय निरीक्षक
जेके वर्मा के अनुसार करीब 125 कॉलेज यूपी बोर्ड द्वारार निर्धारित फॉर्म
लेकर गए हैं।
ऐसे में उम्मीद है कि मंगलवार को काफी कॉलेजों का ब्यौरा
आएगा। अगर कॉलेज ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराएंगे तो डीआईओएस के स्तर से स्कूलों
की स्थिति देखकर परीक्षा केंद्र का निर्धारण किया जाएगा।
मानक पर खरे नहीं उतरे स्कूललखनऊ।
उप जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा यूपी बोर्ड के स्कूलों की जांच में कई
विद्यालय मानक में खरे नहीं उतरे। किसी स्कूल में धारण क्षमता से ज्यादा
बच्चे मिले तो कहीं एक ही कैंपस में कई विद्यालय चल रहे थे।
उप जिला
विद्यालय निरीक्षक जेके वर्मा ने बताया कि कई स्कूलों ने नौवीं और 11वीं
कक्षा में अपनी धारण क्षमता से अधिक बच्चों का पंजीकरण कराया है।
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अलीगंज
स्थित पायनियर मांटेसरी इंटर कॉलेज में एक ही कैंपस में नर्सरी, इंटर और
डिग्री के सेक्शन चल रहे थे। नियमानुसार एक कैंपस में केवल एक विद्यालय ही
चल सकता है।
इसी तरह फैजाबाद रोड स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप इंटर कॉलेज में
भी धारण क्षमता के मुकाबले ज्यादा बच्चे पाए गए। कॉलेज में 14 कमरे हैं
जबकि यहां से नौ सौ बच्चों का पंजीकरण कराया गया है। इन दोनों स्कूलों को
नोटिस जारी किया गया है।
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