बृहस्पतिवार से शुरू होने वाली प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व तकनीकी कोर्सेज में एडमिशन के लिए यूपी राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) की काउंसलिंग प्रक्रिया तकनीकी खराबी के चलते शुरू नहीं हो पाई।
26 जून से तीन जुलाई तक चलने वाली यह काउंसलिंग शुक्रवार को शुरू हो पाएगी। उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) के प्रतिकुलपति प्रो. दिवाकर सिंह यादव ने देर रात सूचना दी कि सर्वर से कनेक्टिविटी नहीं मिल पा रही है।
इसके कारण काउंसलिंग सेंटरों पर ऑनलाइन डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम नहीं हो पाएगा। इसके लिए गाजियाबाद में 15, हापुड़ में तीन और बुलंदशहर में दो वेरिफिकेशन केंद्र बनाए गए हैं।
वेरिफिकेशन होने के बाद पांच जुलाई को इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटें डिस्प्ले होंगी। इसके बाद एक से 30 हजार तक की रैंक के छात्र पांच से सात जुलाई तक च्वॉइस लॉकिंग करेंगे।
आठ और नौ जुलाई को सीट आवंटन की प्रक्रिया और नौ जुलाई को ही सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट घोषित होगा। विवि ने इस बार प्रदेशभर में 148 वेरिफिकेशन केंद्र बनाए हैं।
वेरिफिकेशन के लिए छात्रों को मूल दस्तावेज भी पेश करने होंगे। काउंसलिंग फीस का 500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट फाइनेंस ऑफीसर, यूपीटीयू पेयबल एट सिटी ब्रांच का बनवाना होगा।
उधर, बृहस्पतिवार से यूपीटीयू काउंसलिंग शुरू होने के बावजूद विवि ने वेरिफिकेशन केंद्रों को अभी तक कोई दिशा-निर्देश उपलब्ध नहीं कराए हैं। विवि ने वेबसाइट पर छात्रों के लिए भी कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है।