राजकीय बालिका विद्यालय शाहनजफ रोड के शिक्षक सतीश चंद्र गुप्ता का नाम वोकेशनल म्युजिक की कॉपियां जांचने के लिए बोर्ड की ओर आई परीक्षकों की सूची में शामिल है।
नेत्रहीन होने के कारण वे बिना हेल्पर के कॉपी जांचने में सक्षम नहीं हैं। सतीश चंद्र गुप्ता का नाम पिछले कई सालों से परीक्षकों की सूची में शामिल किया जाता है लेकिन हेल्पर न मिलने के कारण उन्हें कॉपी जांचने से रोक दिया जाता है।
बावजूद इसके इस साल भी उनका नाम परीक्षकों की सूची में शामिल कर दिया गया है। यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुक्रवार से शुरू हो रहा है। मूल्यांकन के लिए जारी हुई परीक्षकों की सूची में ऐसे ही तमाम खामियां हैं।
सतीश चंद्र गुप्ता के अनुसार पिछले सालों में उन्होंने कॉपी जांचने की कोशिश की थी लेकिन उनको हेल्पर नहीं दिया गया था। ऐसे में उनका नाम परीक्षकों की सूची में आना ही नहीं चाहिए था।
उनको राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में कॉपी जांचने के लिए जाना है। सतीश चंद्र गुप्ता के साथ ही राजधानी के कई विद्यालयों में परीक्षकों के परिचय पत्र में खामियां हैं।
बहुत से परीक्षकों के परिचय पत्र पर नाम गलत छपा हुआ है, जबकि बहुत से टीचर्स के परिचय पत्र पर किसी दूसरे शिक्षक की फोटो लगी हुई है। यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुक्रवार से शुरू हो रहा है।
मूल्यांकन के लिए राजधानी में राजकीय जुबली इंटर कॉलेज, राजकीय हुसैनाबाद इंटर कॉलेज, राजकीय निशातगंज इंटर कॉलेज, केकेवी और अमीनाबाद इंटर कॉलेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है।
कार्यक्रम के अनुसार 15 दिनों में कुल 14 लाख, 73 हजार, कॉपियां जांची जानी हैं। गुरुवार शाम तक मूल्यांकन की सारी तैयारियां लगभग हो चुकी थीं।
पहले दिन डिप्टी हेड एग्जामिनेशन 20-20 कॉपियां जांचकर बाकी परीक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद अगले दिन उत्तर पुस्तिकाएं जांची जाएंगी।
राजकीय जुबली इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल देवकी सिंह के अनुसार मूल्यांकन की सभी तैयारियां हो चुकी हैं। शुक्रवार को मूल्यांकन शुरू हो जाएगा।