यूपी बोर्ड का पहला पेपर तैयारियों का कड़ा इम्तेहान लेना वाला है। सबसे बड़ी समस्या कक्ष निरीक्षकों की कमी की है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों कक्षाओं में 19 फरवरी को पहले ही दिन हिंदी की परीक्षा होनी है।
अनिवार्य विषय होने के कारण दोनों पालियों में सारे स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए कम से कम साढ़े चार हजार कक्ष निरीक्षकों की जरूरत होगी।
पर अभी तक बोर्ड कार्यालय के पास केवल तीन हजार कक्ष निरीक्षकों का ब्यौरा है। ऐसे में पहले दिन की गाड़ी पटरी से उतरने की आशंका है।
परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए राजधानी में आठ उड़ाका दलों का गठन किया गया है। प्रत्येक दल में चार-चार टीचर्स की ड्यूटी लगाई गई है।
संवेदन और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेक्टर और स्टेटिक्स मजिस्ट्रेट की नियुक्ति भी की गई है। इसमें 13 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 33 स्टेटिक्स मजिस्ट्रेट शामिल हैं।