उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने नये सत्र से होटल मैनेजमेंट पाठ्यक्रम की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष कर दी है।
विश्वविद्यालय ने यह बदलाव यूजीसी के निर्देशों पर किया है यानी अब छात्रों को बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट करने के लिए एक साल और अतिरिक्त लगाना होगा। विश्वविद्यालय के इस प्रस्ताव पर विद्या परिषद और कार्य परिषद ने भी अपनी मुहर लगा दी है।
प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने के साथ बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट कोर्स (बीएचएम) करने की सुविधा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में ही है। मुक्त विश्वविद्यालय के राज्यभर में संचालित अध्ययन केंद्रों पर होटल मैनेजमेंट पाठ्यक्रम में करीब डेढ़ हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
यूजीसी के नये नियमों के मुताबिक अब इस पाठ्यक्रम की अवधि चार वर्ष कर दी गई है, इस संबंध में मुक्त विश्वविद्यालय के पास यूजीसी के दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं। ग्रीष्मकाल में पहली बार दो मई से नये सत्र के लिए एडमिशन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जो छात्र होटल मैनेजमेंट कोर्स करना चाहते हैं किसी भी अध्ययन केंद्र पर एडमिशन ले सकते हैं।
बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट करने के लिए छात्र को इंटरमीडिएट होना चाहिए। इसमें एडमिशन के लिए कोई प्रवेश प्रक्रिया नहीं है। छात्र घर बैठे इसकी पढ़ाई कर सकते हैं।
मुक्त विश्वविद्यालय ने बीएचएम में सीबीसीएस प्रणाली लागू की है। इससे छात्रों को यह फायदा होगा कि उन्हें चारों विषयों को नहीं पढ़ना होगा बल्कि जिसमें विशेष योग्यता हासिल करना चाहते हों सिर्फ उसी में पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी। छात्र फ्रंट आफिस, हाउस कीपिंग, फूड प्रोडक्शन में से किसी में अपनी रुचि के हिसाब से पढ़ाई कर दक्षता हासिल कर सकते हैं।
- प्रो. आरसी मिश्रा, कुलसचिव यूओयू