यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में दाखिले को लेकर हो रही मनमानी अब नहीं चलेगी। यूजीसी ने इसके लिए सख्त कदम उठाया है।
इसके तहत अब देश का कोई भी शिक्षण संस्थान दाखिले के समय छात्रों के मूल प्रमाण पत्र अपने पास नहीं रख सकेगा। जो संस्थान इस निर्देश को नहीं मानता है तो उसके खिलाफ यूजीसी की ओर से सख्त कदम उठाया जाएगा।
अधिकतर प्राइवेट यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में दाखिले के समय छात्रों से मूल प्रमाण पत्र लेकर रख लिए जाते हैं। संस्थान ऐसा इसलिए करते हैं कि छात्र बीच में संस्थान को छोड़कर न जा सके।
ऐसे में मूल प्रमाण पत्र जमा होने के कारण छात्रों को परेशानी होती थी। इस संबंध में यूजीसी को कई बार शिकायत मिल चुकी है, जिस पर अब सख्त कदम उठाया गया है।
यूजीसी ने वर्ष 2007 को जारी पत्र का हवाला देते हुए अब यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को सख्त निर्देश दिए हैं। यूजीसी ने कहा है कि दाखिले के समय किसी भी छात्र से मूल प्रमाण पत्र लेकर न रखें जाए।
इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए कि यदि छात्र किसी कारणवश संस्थान को छोड़ता है तो नियमानुसार यदि फीस वापस हो सकती है तो दी जाए।