बीएड प्रवेश परीक्षा को लेकर श्रीदेव सुमन विवि मुसीबत में फंस गया। विवि और शासन में तालमेल के अभाव में 1750 अभ्यर्थियों का भविष्य में अधर में लटक गया है।
शासन ने श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध 25 स्ववित्त पोषित बीएड कॉलेजों की मान्यता पर संदेह व्यक्त किया है। शासन ने विवि प्रशासन से बीएड कॉलेजों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। बीएड प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थियों को सत्र लेट होने की चिंता सता रही है।
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शासन ने मांगे विवि कॉलेजों के विवरण
एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि से संबद्ध 25 निजी बीएड कॉलेजों को शासन ने 5 जून को श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध करने का आदेश जारी किया था। संबद्धता से पहले शासन ने विवि कॉलेजों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा था।
विवि प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि शासन को पूरी रिपोर्ट उलब्ध करा दी गई थी। शासन के निर्देश पर ही 11 अगस्त को बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। 2600 अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था।
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1750 अभ्यर्थी सफल रहे
5 सितंबर को विवि ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। जिसमें 1750 अभ्यर्थी सफल रहे। बीएड कॉलेज इन दिनों काउंसिलिंग शुरू करने की तैयारी में जुटे हुए थे कि शासन ने कॉलेज प्रबंधकों और प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के अरमानों पर पानी फेर दिया है।
अग्रिम आदेश तक शासन ने विवि को कांउसिलिंग न करने को कहा है। विवि के कुलसचिव की ओर से बीएड कॉलेजों को फिलहाल प्रवेश न करने का फरमान जारी कर दिया गया है।