फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूजीसी की हुई टेढ़ी नजर प्राइवेट कॉलेजस पर

Thu, 22 Aug 2013 09:22 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
उच्च शिक्षा में निजी संस्थानों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए जल्द ही यूजीसी अपने कानून में बदलाव करने जा रहा है।
विज्ञापन


अपने एक दशक पुराने रेगुलेशन में बदलाव करके मनमानी करने वाले प्राइवेट यूनिवर्सिटीज पर भारी जुर्माना लगाने के साथ ही उनके देशभर में ऑफ कैंपस खोलने पर भी यूजीसी रोक लगा सकता है।

इसी तरह प्रतिष्ठित महाविद्यालयों द्वारा दूसरे स्थान पर उसी नाम से दूसरा कॉलेज खोलने पर भी रोक लगाई जा सकती है।
निजी विश्वविद्यालयों के संबंध में लगातार शिकायतें हैं कि वे किसी भी राज्य सरकार से विश्वविद्यालय का दर्जा लेकर विभिन्न स्थानों पर ऑफ कैंपस खोल लेते हैं।
विज्ञापन


ऐसे कैंपस अक्सर छात्रों को शिक्षा देने के स्थान पर सिर्फ डिग्री बेचने के केंद्र बने हुए हैं। यूजीसी के नियमों के तहत कोई भी निजी विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के पांच साल बाद आयोग की पूर्व अनुमति से ही संबंधित राज्य के अंदर ऑफ कैंपस खोल सकते हैं।

यूजीसी के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए निजी विश्वविद्यालय धड़ल्ले से बिना अनुमति इस काम को अंजाम दे रहे हैं। यूजीसी को ऐसे मामलों में अभी तक सिर्फ एक हजार रुपये का जुर्माना लगाने का अधिकार है।
विज्ञापन


अब रेगुलेशन में बदलाव करके यह जुर्माना एक करोड़ रुपये किया जा रहा है। निजी विश्वविद्यालयों में दूरस्थ शिक्षा को पहले ही समाप्त किया जा चुका है।

इसी तरह ब्रांड बन चुके डिग्री कॉलेजों द्वारा सिर्फ नाम का फायदा उठाने के लिए उसी नाम से कॉलेज खोले जाने पर भी यूजीसी रोक लगाने के लिए नियमों में संशोधन करने पर विचार कर रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें