शिक्षण संस्थानों में फ्रेशर छात्रों के साथ होने वाली रैगिंग पर लगाम लगाने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) ने कुछ नए प्रावधान बनाए हैं।
एंटी रैगिंग गाइडलाइंस पर करना होगा और काम
इसके तहत अब केवल कॉलेज परिसर ही नहीं बल्कि निकट के बस स्टैंड पर भी रैगिंग करने वालों पर निगरानी समिति नजर रखेगी। यूजीसी के सचिव जसपाल एस संधू की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों में पहले से चल रही एंटी रैगिंग गाइडलाइंस में अब कुछ और काम संस्थानों को करने होंगे।
इसमें बस स्टैंड की निगरानी, हॉस्टल के अलावा टायलेट और बाथरूम, कैंटीन में औचक निरीक्षण, संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने अनिवार्य होंगे। इसके अलावा अभिभावकों व छात्रों को यूजीसी की एंटी रैगिंग वेबसाइट पर इस बारे में संबंध में शपथ पत्र देना होगा।
संस्थानों को सख्त हिदायत दी गई है कि वह किसी भी रैगिंग के मामले को दबाने के बजाए सख्ती से कानूनी कार्रवाई करें। सर्कुलर में कहा गया है कि जो छात्र इस तरह की एक्टिविटी में शामिल हो सकते हैं।
उनकी पहले से पहचान कर नजर रखी जाए। यह यूजीसी के एंटी रैगिंग गाइडलाइंस में दूसरा संशोधन है।
यहां करें रैगिंग की शिकायत : 18001805522 और www.ugc.ac.in