हिमाचल के 15 कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स शुरू करने की मुहिम को यूजीसी ने झटका दिया है। यूजीसी ने वोकेशनल कोर्स शुरू करने की मंजूरी नहीं दी है। राज्य सरकार ने मई में प्रदेश के 35 कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स शुरू करने को ग्रीन सिग्नल दिया था। इनमें से 15 कॉलेजों का प्रस्ताव रूसा की ओर से तैयार कर यूजीसी को भेजा गया।
यूजीसी ने 20 से 24 जुलाई तक दिल्ली में इस पर बैठक की। बैठक के बाद देश के 59 शैक्षणिक संस्थानों को वोकेशनल कोर्स शुरू करने के लिए स्वीकृत किया है। 337 शैक्षणिक संस्थानों के प्रस्ताव नामंजूर किए गए हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश के 15 कॉलेज भी हैं। हिमाचल प्रदेश से सिर्फ एक निजी शैक्षणिक संस्थान आईईसी यूनिवर्सिटी बद्दी को वोकेशनल कोर्स शुरू करने की मंजूरी मिली है।
यूजीसी ने आईईसी यूनिवर्सिटी बद्दी में इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन एंड पावर प्लांट मेनटेनस, इलेक्ट्रानिक इक्यूपमिंटस रिपेयर एंड मेनटेनस कोर्स शुरू को मंजूर किया है। बुधवार को यूजीसी ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। यूजीसी से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश के उक्त कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स शुरू होने थे। इसके लिए यूजीसी की ओर से भी ग्रांट भी दी जानी थी।
इन कॉलेजों के आवेदन हुए नामंजूर
ये प्रमुख कोर्स शुरू करने का था आवेदन- ऑटो मोबाइल, सिक्योरिटी, कृषि, हेल्थ केयर, आईसीटी (कंप्यूटर) टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी।
आरकेएमवी शिमला, एक्सीलेंस कॉलेज संजौली, सेंट बीड्ज कॉलेज शिमला, गवर्नमेंट कॉलेज ऊना, गवर्नमेंट कॉलेज बिलासपुर, गवर्नमेंट कॉलेज ढलियारा, गवर्नमेंट कॉलेज सीमा रोहड़ू, गवर्नमेंट कॉलेज अर्की सोलन, गवर्नमेंट कॉलेज ढालपुर कुल्लू, गवर्नमेंट कॉलेज करसोग मंडी, डीएवी सेनेटरी कॉलेज चलनेर शिमला।
जीबी पंत मेमोरियल गवर्नमेंट कॉलेज रामपुर बुशहैर शिमला, लाल बहादुर शास्त्री गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज सरस्वतीनगर शिमला, पंडित संतराम गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज बैजनाथ कांगड़ा और स्वामी विवेकानंद गवर्नमेंट कॉलेज घुमारवीं बिलासपुर।