फीस बढ़ोतरी और छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध के बाद से विवि और कॉलेजों में करीब एक पखवाड़े तक रहे पूर्ण शिक्षा बंद के साथ धरने-प्रदर्शनों का दौर चला। आम छात्र भी कक्षाएं छोड़ आंदोलन में भागीदार बना। इस दौरान कॉलेजों में प्रभावित हुई कक्षाओं के कारण रूसा प्रथम और तृतीय सत्र की कक्षाओं के तय 90 दिन के टीचिंग पीरियड कम पड़ गए हैं।
नवंबर के दूसरे सप्ताह में दोनों सत्र की परीक्षाएं होनी हैं। अक्तूबर में फेस्टिवल ब्रेक में आधा माह चला जाएगा। ऐसे में अब तय पीरियड कै से पूरे होंगे। कॉलेजों में कक्षाएं बंद रहने से सिलेबस भी पूरा करवाना मुश्किल होगा। 26 अगस्त से धरने-प्रदर्शनों के कारण नाममात्र कक्षाएं लगी हैं। 19 सितंबर से पूर्ण शिक्षा बंद रहा है।
विवि में भी कक्षाएं बंद रही हैं। यूजी फाइनल ईयर की कक्षाएं भी प्रभावित हुई हैं। छात्र संघों के सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ आम छात्रों ने भी फीस बढ़ोतरी के खिलाफ सहयोग कर बंद को सफल बनाने में सहयोग किया है। ऐसे में अब प्राचार्यों के लिए अक्तूबर में निर्धारित पीरियड को पूरा करना और सिलेबस पूरा करवाना मुश्किल हो गया है। अक्तूबर में दिवाली, दशहरा आदि की छुट्टियां हाेंगी।
सिलेब्स पूरा करवाने को लगानी पड़ सकती है अतिरिक्त कक्षाएं
संजौली कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. नीलम शर्मा और कोटशेरा की प्राचार्य डा. उमा रणदेव ने माना कि पूर्ण शिक्षा बंद से करीब दस से बारह दिन कक्षाएं नहीं लगी हैं। नवंबर में सेमेस्टर परीक्षाओं तक सिलेबस और 90 दिन की कक्षाएं पूरा करने को अतिरिक्त कक्षाएं लगानी पड़ेंगी। माना कि अभी सिर्फ 50 से 55 फीसदी सिलेबस पूरा हुआ है। आरकेएमवी की प्राचार्य प्रो. मीरा वालिया का कहना है कि उनके कॉलेज में कक्षाएं ज्यादा प्रभावित नहीं हुई हैं।
छुट्टियों पर लग सकती है कैंची
अक्तूबर में दिवाली, दशहरा आदि की छुट्टियां हाेंगी। कॉलेज प्राचार्यों का मानना है कि सिलेबस पूरा करने को त्योहारी सीजन में छुट्टियों पर कैंची चलानी पड़ सकती है।