परिवहन विभाग की ओर से 21 सितंबर को ली गई ‘ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर’ की लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। प्रदेश भर में जिला स्तर पर ली गई परीक्षा में 475 परीक्षार्थी बैठे थे। इनमें 401 ने परीक्षा पास की है। परिवहन विभाग के उप निदेशक कैप्टन रमन कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों की ओर से लाइसेंस जारी किए जाएंगे। लाइसेंस प्राप्त करने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता जमा दो है। ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर के लिए परिवहन विभाग ने दो पार्ट में परीक्षा ली थी।
50 अंकों की पार्ट वन परीक्षा में सेंटर मोटर व्हीकल रूल तथा एक्ट और हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकल रूल तथा एक्ट से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे, जबकि 100 अंकों की पार्ट टू परीक्षा में कंप्यूटर, गणित, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे।
दोनों परीक्षाओं में 50 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी लाइसेंस लेने के पात्र होंगे। अभ्यर्थी संबंधित क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पास लाइसेंस को आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की जिलावार सूचियां बन संबंधित क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को भेज दी हैं।
लाइसेंस चार सालों के लिए वैध होगा
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों की ओर से जारी ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर का लाइसेंस चार साल के लिए वैध होगा। चार साल बाद लाइसेंस रिन्यू करना होगा। लाइसेंस रिन्यू करने के एवज में परिवहन विभाग फीस लेगा। लाइसेंस रिन्यू न होने की स्थिति में इसे रद्द कर दिया जाएगा।
नहीं काटने होंगे दफ्तर के चक्कर
वाहन मालिकों को अपने काम करवाने के लिए परिवहन विभाग के चक्कर नहीं काटने होंगे। ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर के जरिये लोग अपने काम करवा सकेंगे। सर्विस प्रोवाइडर परिवहन विभाग की ओर से निर्धारित राशि पर काम करेंगे। इन्हें तय समय पर काम भी पूरा करना होगा।
इस वेबसाइट पर देखें परीक्षा परिणाम
‘ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रोवाइडर’ की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी अपना परीक्षा परिणाम परिवहन विभाग की वेबसाइट
transporthp.nic.in पर भी देख सकते हैं।