उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) में चॉइस लॉक करने को अब एक-दो नहीं, बल्कि तीन मौके दिए जाएंगे।
पहली बार में यदि छात्रों को मनचाहा कॉलेज नहीं मिलता है तो दो बार और चॉइस लॉक करने का मौका दिया जाएगा।
प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इस आशय का प्रस्ताव विभागीय मंत्री व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मंजूरी के लिए भेजा है। इस संबंध में शीघ्र ही आदेश जारी करने की तैयारी है।
उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए एसईई आयोजित की जाती है। इस बार एसईई 19 व 20 अप्रैल को आयोजित की जाएगी।
प्रदेश में सरकारी व निजी कॉलेजों को मिलाकर यूपीटीयू से संबद्ध कॉलेजों में 2,10,885 सीटें हैं। इनमें बीटेक की 1,41,153 सीटें हैं।
एसईई में पास होने वाले छात्रों को मनचाहे कॉलेजों में प्रवेश देने के लिए काउंसलिंग के दौरान ऑनलाइन चॉइस लॉक करने का मौका दिया जाता है। च्वॉइस लॉक करने के 24 घंटे बाद उसे कॉलेज आवंटित किया जाता है।
छात्रों को यदि मनचाहा कॉलेज नहीं मिलता है तो उनको दूसरे चरण की काउंसलिंग का इंतजार करना होता है। इससे अच्छी मेरिट वालों को भी कई बार मनचाहा कॉलेज नहीं मिल पता है।
इसलिए प्राविधिक शिक्षा विभाग चाहता है कि छात्रों को मनचाहा कॉलेज मिल जाए। राज्य सरकार का मानना है कि इससे धांधली की संभावना तो कम होगी ही, साथ ही निजी कॉलेजों की अधिक से अधिक सीटें भी भर सकेंगी।