प्रदेश के हजारों छात्रों ने आल इंडिया प्री-मेडिकल एंड डेंटल एंट्रेंस टेस्ट (एआईपीएमटी-2015) दिया। रविवार को आयोजित लिखित परीक्षा के लिए सीबीएसई ने शिमला और हमीरपुर में सेंटर बनाए थे।
शिमला में स्थापित 11 सेंटरों में छह हजार से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी। इन सेंटरों पर तय समयानुसार परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से हुई।
सीबीएसई की ओर से आयोजित इस परीक्षा के लिए तैनात सिटी कोआर्डिनेटर विधुप्रिया चक्रवर्ती ने कहा कि किसी भी सेंटर से किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है।
सीबीसीएसई की ओर से आई निरीक्षण टीम ने सभी केंद्रों में जाकर परीक्षा के संचालन का जायजा लिया। राजधानी में सेंट थॉमस स्कूल को इस परीक्षा के लिए सीबीएसई ने नोडल सेंटर बनाया था।
शहर के दयानंद पब्लिक स्कूल, लोरेटो कान्वेंट ताराहाल, डीएवी न्यू शिमला, डीएवी लक्कड़ बाजार, कानवेंट ऑफ जीजस एंड मेरी, ब्वॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल लालपानी, सरस्वती पैराडाइज संजौली और सेंट्रल तिब्बतियन स्कूल छोटा शिमला और केंद्रीय विद्यालय जाखू को परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
सिटी कोआर्डिनेटर विधुप्रिया चक्रवर्ती ने बताया कि हर केंद्र में औसतन चार से पांच सौ छात्र परीक्षा देने के लिए बैठे। परीक्षा तय समय पर शुरू हुई और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई।
उधर, हमीरपुर में करीब एक दर्जन परीक्षा केंद्रों में टेस्ट लिया गया। परीक्षा में करीब तीन हजार अभ्यर्थियों ने भाग लिया। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों की भीड़ जुटना शुरू हो गई।
परीक्षा में उत्तीर्ण रहने पर अभ्यर्थियों को मेडिकल संस्थानों में एमबीबीएस और डेंटल कोर्स की 15 फीसदी सीटों पर दाखिला दिया जाता है। एआईपीएमटी का परीक्षा परिणाम 5 जून को घोषित होगा।