शहर के करीब 107 सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे एक लाख से अधिक स्टूडेंट को इस साल विंटर ड्रेस समय पर मिल पाना मुमकिन नहीं लग रहा है।
विभाग की लचर तैयारी की वजह से हर साल पहली से आठवीं क्लास के स्टूडेंट को मिलने वाली ड्रेस में देरी हो जाती है। इस बार भी विभाग ने सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट को ड्रेस देने के लिए पहले स्कूल स्तर पर टेंडर निकालने के आदेश दिए। लेकिन, टेंडर को अच्छा रिस्पांस नहीं मिला।
विभाग को अब सभी स्कूलों के लिए कॉमन टेंडर के लिए अखबारों में विज्ञापन देना पड़ा। सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट को पिछले कई सालों से कभी भी समय पर गर्मी और सर्दी की ड्रेस नहीं मिल पाती है। विभाग ने इस साल विंटर ड्रेस में जर्सी और जुराब भी देने का फैसला लिया है।