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दून के दो बड़े संस्थानों में होता है छात्रों का शोषण

Tue, 17 Jun 2014 04:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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छात्रों से मनमानी वसूली और शोषण के मामले में अब तकनीकी शिक्षा संस्थान शिकंजे में आ गए हैं।
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ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) ने उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूटीयू) लोकपाल की संस्तुति पर कॉलेज आफ इंजीनियरिंग रुड़की (कोर) को चेतावनी जारी की है।

वहीं, यूटीयू लोकपाल ने देवभूमि इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (डीबीआईटी) को नोटिस दिया है।

फीस न लौटाई तो एकतरफा कार्रवाई

दिल्ली निवासी छात्र अमित शर्मा ने गत वर्ष कोर में बीटेक में दाखिला लिया। संस्थान में दस दिन पूरे होने से पहले ही अमित ने सीट छोड़ दी। छात्र ने फीस वापस मांगी तो कॉलेज ने इंकार कर दिया।

छात्र के पिता आनंद शर्मा ने यूटीयू लोकपाल का दरवाजा खटखटाया। लोकपाल ने फैसला दिया कि निर्धारित तिथि तक कोर को छात्र का शुल्क एक लाख पांच हजार रुपए वापस करना होगा।

दो बार चेतावनी के बावजूद कोर ने शुल्क नहीं लौटाया। इस पर यूटीयू लोकपाल ने 17 मई 2014 को एआईसीटीई को सख्त कार्रवाई की संस्तुति कर दी।

एआईसीटीई के सलाहकार ने तीन जून को कोर को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इसमें लिखा है कि दस दिन में फीस न लौटाने पर सख्त एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।

उधर, कॉलेज के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे सभी छात्रों को फीस लौटाई जा रही है।
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डीबीआईटी को जारी हुआ नोटिस

डीबीआईटी को छात्र से फाइन वसूलने की शिकायत पर यूटीयू लोकपाल ने नोटिस जारी किया है।

बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र अजय सिंह ने लोकपाल को दी शिकायत में बताया था कि उपस्थिति कम बताकर परीक्षा से बाहर कर दिया गया, जबकि उसने कालेज में एक्स्ट्रा क्लास भी ज्वाइन की थी।

छात्र से संस्थान ने 16000 रुपए फाइन मांगा था, जिसमें से आठ हजार रुपए उसने जमा भी कर दिए थे। इसकी रसीद भी उन्होंने यूटीयू लोकपाल के सामने पेश की।

मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकपाल के नोडल अधिकारी एसपी रावत ने डीबीआईटी को नोटिस जारी किया है।

सोमवार को जारी हुए नोटिस में लोकपाल ने संस्थान को 21 जून की सुबह 10:30 बजे अपना पक्ष रखने के लिए लोकपाल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद लोकपाल फैसला सुनाएंगे।
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