तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के दफ्तर के बाहर पॉलीटेक्निक के छात्रों ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। साथ ही धमकी दी है कि यदि बोर्ड ने रिजल्ट जल्द घोषित नहीं किया तो छात्र आत्मदाह तक कर सकते हैं।
डिप्लोमा करने वाले दूसरे और चौथे सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं ने बुधवार से तकनीकी शिक्षा बोर्ड के खिलाफ आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है। इन्हें पिछले साल अगले सेमेस्टर में एडमिशन के लिए 50 फीसदी विषयों को पास करने की शर्त से छूट मिली थी।
लेकिन, अब बोर्ड कह रहा है कि वापस पिछले सेमेस्टर में एडमिशन लो। इनका रिजल्ट भी रोक दिया है। प्रशिक्षुओं ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे आत्मदाह करने के लिए विवश हो जाएंगे। इसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।
अनशन में शामिल छात्रों अनिल कुमार, हेमंत, विवेक, गौरव, सुरजीत और निशांत आदि ने बताया कि कई छात्रों ने कर्ज लेकर एडमिशन ली है। सरकार से छूट मिलने के बाद ही उन्होंने आगे एडमिशन ली।
उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत विषय पास करने की शर्त पहले रखी गई, लेकिन छात्रों को परीक्षाओं के बाद इसकी जानकारी दी गई। इससे छात्रों के लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है।
उधर, प्राइवेट तकनीकी संस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश बंसल ने कहा कि हाईकोर्ट से क्लीयरेंस मिलने के बाद प्रशिक्षुओं को अगले सेमेस्टर में बैठने की मंजूरी मिली थी।
अब बोर्ड बेवजह अड़ंगा डाल रहा है। इस बारे में संबंधित विभाग के मंत्री ने भी तर्क दिया था कि उनके पास और भी काम हैं। इस मसले को तकनीकी शिक्षा मंत्री भी नहीं सुलझा पाए हैं।