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टीचर्स की काबिलियत का ये सच चौंका देगा आपको

Fri, 04 Sep 2015 03:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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टीचर्स डे से पहले बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जज के सामने टीचर्स की क्लास लगी और वे फेल हो गए। यह कारनामा हुआ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में। क्लास लगी थी नौकरी से निकाले गए गेस्ट टीचर्स की।
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दरअसल, कोर्ट में गेस्ट टीचर्स के मामले की पेशी चल रही थी। इस बीच जज ने एक टीचर से अंग्रेजी के चार शब्दों की स्पेलिंग पूछ ली, जिन्हें वह नहीं बता पाया। यह देखकर जज हैरान रह गया।

सुनवाई के दौरान जज ने सरकार की कारगुजारी पर भी सवाल उठे। इस बीच सरकार की ओर से सरप्लस बताए गए इन गेस्ट टीचर्स की पुनर्विचार अर्जी पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया है।
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सरकार ने गेस्ट टीचर्स को बताया सरप्लस

कोर्ट में गेस्ट टीचरों की ओर से उन्हें न हटाए जाने की मांग पर लंबी बहस हुई। सरकार ने इन्हें सरप्लस बताया था, इसी पर पहले करीब साढ़े तीन हजार गेस्ट टीचरों को नौकरी से हटाने का निर्देश जारी किया गया था।

इसी फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए गेस्ट टीचरों ने अर्जी दायर की। उन्होंने दलील दी थी कि सरकार के पास शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं, ऐसे में सरकार उन्हें सरप्लस कैसे करार दे सकती है।
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स्थिति स्पष्ट करे सरकार

पुनर्विचार अर्जी पर बेंच ने सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था। सरकार ने कहा कि वैसे यह सरप्लस हैं, लेकिन सूबे के स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी है।

बताया गया कि अंग्रेजी के पांच हजार शिक्षकों की जरूरत है। 1000 शिक्षकों के पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। जब तक पद नहीं भरे जाते, सामाजिक शिक्षा के गेस्ट टीचर अंग्रेजी पढ़ाएंगे। बेंच ने यह भी पूछा कि आखिर यह फैसला कैसे ले लिया गया।

इसके साथ ही कोर्ट रूम में बैठे एक गेस्ट टीचर को खड़ा होने को कहा गया, जो छात्रों को अंग्रेजी पढ़ा रहा हो। इन्हीं में से एक खड़ा हुआ, लेकिन जज की ओर से पूछे गए वह चार शब्दों की सही स्पेलिंग नहीं बता पाया।
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