सीबीएसई 12वीं में 97. 8 प्रतिशत अंकों के साथ स्टेट टॉपर अनन्या श्रीयम को यकीन नहीं था कि इस बार शिक्षा क्षेत्र में उसका नाम गूंजेगा। दिल्ली से फोन पर उसने बताया कि सभी विषयों की पूरी तैयारी योजना के साथ की। लेकिन ट्यूशन नहीं लगाई।
हरिद्वार में भेल स्थित डीपीएस पब्लिक स्कूल की 12वीं की छात्रा अनन्या का रिजल्ट आया तो शिवालिक नगर फेस-3 पर उसके घर बधाई देने के लिए लोग पहुंचने लगे। लेकिन घर पर ताला लगा हुआ था और लोग वापस जा रहे थे। बाद में पता चला कि पूरा परिवार दिल्ली गया हुआ है।
सफलता से उत्साहित अनन्या ने फोन पर बताया कि रिजल्ट बहुत अच्छा रहा। सोचा नहीं था इतने नंबर आएंगे। स्कूल टाइम से अलग प्रतिदिन तीन से पांच घंटे लगातार पढ़ाई की। लेकिन ट्यूशन नहीं लगाई। अनन्या ने बताया कि मां दीपम और पिता शशि भूषण मिश्रा ने परीक्षा के दिनों में बेहद सहयोग किया। उनके सहयोग के बिना इतने नंबर लाना मुमकिन ही नहीं था।
‘पापा टेंशन मत लो, जो आएगा ठीक आएगा’
भेल में डीजीएम पद पर कार्यरत शशि भूषण पांडेय बेटी की सफलता से गौरान्वित हैं। मूल रूप से झारखंड निवासी शशि भूषण ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के दिनों में मैंने अनन्या से कहा कि बेटा इस बार 90 फीसदी से ज्यादा नंबर लाना होगा। इस पर अनन्या ने कहा था कि पापा टेंशन मत लो, जो रिजल्ट आएगा, वो ठीक ही रहेगा।
उन्होंने कहा कि अनन्या ने बोर्ड की टेंशन लिए बिना सामान्य तरीके से तैयारी की। अनन्या को जो सफलता मिली है उससे समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी बढ़ गई है। होनहार छात्रा की माता दीपम ने बताया कि बेटी को खानपान में रुचि हैं और बास्केटबॉल उसका प्रिय खेल हैं। उसमें अनन्या ने पदक भी जीते हैं। उन्होंने कहा बेटी को पेंटिंग का भी शौक है।
टॉपर के टिप्स
- मन लगाकर पढ़ो
- जो याद किया जाए उसका रिवीजन जरूर करना चाहिए
- हर विषय को गहराई से समझना चाहिए
- विषय में परेशानी होने पर शिक्षक से समझो
- विषयवार नोट्स तैयार करने चाहिए
- बोर्ड परीक्षा की ज्यादा टेंशन मत लो, घबराएं नहीं
मेडिकल परीक्षा देने पहुंचीं दिल्ली
सोमवार को रिजल्ट घोषित होने के बाद अनन्या के दोस्त और करीबी बधाई देने शिवालिक नगर स्थित उनके घर पहुंचे लेकिन मेडिकल की परीक्षा में शामिल होने के लिए गई अनन्या के घर पर ताला लटका रहा।
डॉक्टर बनने का है इरादा
टॉपर अनन्या का कहना है कि मेडिकल परीक्षा के लिए कोचिंग ली है। डॉक्टर बनना चाहती हूं। ताकि खुद के सपने को पूरा करने के साथ-साथ लोगों की मदद भी कर सकूं।