बच्चों को एक समूह में बांटकर एक मैटर पढ़ने को दिया जाए, हर ग्रुप अलग-अलग टॉपिक पर पढ़ाई करे और अपनी प्रेजेंटेंशन देकर दूसरे समूह को समझाए।
अगर छह-छह बच्चों के 10 ग्रुप एक कक्षा में बनते हैं तो कम समय में काफी कोर्स गुणवत्तापूर्ण पूरा किया जा सकता है।
इससे बच्चों में नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी पैदा होगी। यह मॉडल लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन और स्टडी हॉल की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया।
क्रिएटिव एजूकेटर डॉ. प्रवीण भाटिया ने मोहता मेडल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विशेष बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां
संस्कार फाउंडेशन की ओर से सनशाइन पब्लिक स्कूल में आयोजित वार्षिकोत्सव में विशेष बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।
मुख्य अतिथि आईजी पुलिस अमिताभ ठाकुर ने कहा कि मानसिक रूप से मंदित बच्चों को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए।