क्रिश्चियन पीजी कॉलेज में बुधवार सुबह जब छात्र और शिक्षक पहुंचे तो उन्हें मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन बंदी का नोटिस मिला।
प्रबंधक पद पर कार्यरत एसडब्ल्यू प्रसाद ने ईजी तिमूथी को पद से हटाते हुए डॉ. एनके मिश्रा को कार्यवाहक प्राचार्य बना दिया था, इस कारण ईजी तिमूथी ने अनिश्चितकाल तक कॉलेज बंद करने की घोषणा कर दी।
इस झगड़े से आजिज स्टूडेंट्स ने गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और कहा कि प्राचार्य चाहे जो भी हो कॉलेज को अनिश्चितकालीन बंद करने का अधिकार सिर्फ डीएम के पास है। इसके बाद कई विभागों के ताले खोले गए।
दरअसल, क्रिश्चियन कॉलेज में लंबे समय से विवाद चल रहा है। बुधवार को क्रिश्चियन पीजी कॉलेज, क्रिश्चियन इंटर कॉलेज, बीएड कॉलेज, सेंटिनियल कॉलेज, क्रिश्चियन प्राइमरी स्कूल सभी के अनिश्चितकालीन बंद होने का नोटिस लगा हुआ था।
फिर स्टूडेंट्स ने किया बवाल
इस पर छात्रों ने गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्टूडेंट्स ने कहा कि मैनेजमेंट के झगड़े में पढ़ाई चौपट हो रही है। छात्रनेता शाहिद आलम ने कहा कि आखिर इस तरह अचानक कॉलेज की सभी इकाइयों को क्यों बंद कर दिया गया?
प्रबंधक पद पर एसडब्ल्यू प्रसाद को डिप्टी रजिस्ट्रार सोसाइटीज, चिट एंड फंड की ओर से भी इस पद पर बने रहने की हरी झंडी मिली है, जबकि दूसरे खेमे ने बिशप को अपने पक्ष में लेकर डॉ. ईजी तिमूथी को प्राचार्य बनाया है।
अब एसडब्ल्यू प्रसाद ने कार्यवाहक प्राचार्य ईजी तिमूथी को हटाते हुए उनकी जगह डॉ. एनके मिश्रा को इस पद पर ज्वाइन करवा दिया है।
ऐसे में ईजी तिमूथी ने कॉलेज के हालात असमान्य बताते हुए इसे अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का नोटिस जारी कर दिया। फिलहाल, छात्रों के बढ़ते विरोध व आक्रोश के कारण कॉलेज के ताले खोल दिए गए हैं। प्रबंधक पद पर कार्यरत एसडब्ल्यू प्रसाद कहते हैं कि छात्रों का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर ली जाएगी।
फिर कॉलेज बंद हुआ तो होगी कार्रवाई
क्रिश्चियन पीजी कॉलेज में अनिश्चितकालीन बंदी का नोटिस जारी होने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों में खलबली मच गई। आननफानन एक बैठक एडीएम पश्चिम व सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मसले पर एक बैठक की।
उन्होंने कहा कि प्रबंधक पद का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में लखनऊ विश्वविद्यालय ने जो व्यवस्था की है उसे ही लागू किया जाएगा।
फिलहाल, लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कैप्टन अमिताभ प्रकाश की ओर से जारी पत्र में एसडब्ल्यू प्रसाद को ही प्रबंधक बताया गया है।
यूनिवर्सिटी ने उन्हें प्रबंधक करार दिया है अत: विवाद के अंतिम निपटारे तक वही प्रबंधक रहेंगे। अगर इस व्यवस्था में अब किसी ने भी व्यवधान डालने की कोशिश की या फिर कॉलेज को अनावश्यक रूप से बंद करवाने की कोशिश हुई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।