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स्टूडेंट अब सीधे UGC को देंगे अपनी शिकायत

Mon, 13 Jul 2015 04:47 PM IST
परमेश कुमार त्यागी/अमर उजाला, जगाधरी
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यूनिवर्सिटी तथा कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को अपनी समस्या यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए अब किसी मध्यस्थता की जरूरत नहीं है। एडमिशन में गड़बड़ी हो या फिर सीनियर रैगिंग ले रहे हो, स्टूडेंट्स ऐसी हर समस्या की शिकायत यूजीसी की वेबसाइट डब्ल्यू.डब्ल्यू.डब्ल्यू.यूजीसी.एसी.इन के स्टूडेंट पोर्टल पर सीधे ऑनलाइन दर्ज करवा सकते हैं।
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खास बात यह है कि यूजीसी ने स्टूडेंट्स की शिकायतों को निपटान करने के लिए सभी यूनिवर्सिटीज तथा कॉलेजों में नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए हैं। तय समय में शिकायत का निपटारा हुआ या नहीं, बाकायदा इसकी मॉनीटरिंग भी की जाएगी।

इन दिनों प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर की यूनिवर्सिटीज तथा कॉलेजों में एडमिशन के लिए मारामारी देखी जा सकती है। कहीं पर एडमिशन में धांधली हो रही है, तो कहीं पर विद्यार्थियों को पिछले साल की मार्कशीट या फिर डिग्री के लिए घुमाया जा रहा है।
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अभी तक यूनिवर्सिटी तथा कॉलेज में एडमिशन के दौरान होने वाली गड़बड़ियों पर कुछ नहीं कर पाने की स्थिति में स्टूडेंट चुप बैठ जाते थे। एडमिशन के दौरान कट ऑफ लिस्ट में नियमों की पालना हुई या नहीं, पिछले साल की मार्क शीट के लिए घुमाया जा रहा है या फिर डिग्री देने में की जा रही आनाकानी के मद्देनजर स्टूडेंट्स को अब यूनिवर्सिटी या कॉलेज के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।

अब स्टूडेंट सीधे इसकी शिकायत यूजीसी को कर सकते हैं। यूजीसी ने बाकायदा अपनी वेबसाइट पर स्टूडेंट पोर्टल का लिंक दिया हुआ है। जिसके जरिए स्टूडेंट अपनी शिकायत यूजीसी तक पहुंचा सकते हैं। विद्यार्थियों की शिकायतों का निपटारा करने के लिए यूनिवर्सिटी तथा कॉलेज स्तर पर बाकायदा नोडल अधिकारी की नियुक्त जरूरी है।

यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटीज तथा कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे नोडल अधिकारी की नियुक्त कर उसकी जानकारी उन्हें भेजें। अगर किसी संस्थान में पहले से कोई अधिकारी इस प्रकार की जिम्मेदारी संभाल रहा है उसे नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।

यह मिलेगा फायदा
विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं को निपटाने के लिए कॉलेज तथा यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने से छुटकारा मिल जाएगा।विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करने की एवज में जो छात्र नेता व कर्मचारी कमाई करते थे। उनकी दुकानदारी बंद हो जाएगी।शिकायतों का निपटारा करने मानीटरिंग सीधे यूजीसी स्तर पर होगी। जिस कारण तय समय में विद्यार्थियों को इंसाफ मिल सकेगा।
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