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आखिर कब खत्म होगा स्टूडेंट्स का इंतजार?

Mon, 21 Jul 2014 11:43 AM IST
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
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राजधानी के डिग्री कॉलेजों में दाखिले के लिए जबरदस्त मारामारी है। बीए, बीएससी व बीकॉम में दाखिले के लिए इस बार मेरिट काफी ऊंची जा रही है।
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इंटरमीडिएट में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण स्टूडेंट भी दाखिले के लिए परेशान हैं। अभी तक डिग्री कॉलेजों में दाखिले के लिए 33 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कोई आदेश नहीं आया है।

डिग्री कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया खत्म होने को है और सीटें बढ़ाने का आदेश न आने से स्टूडेंट परेशान हैं। वे लगातार कॉलेजों में दाखिले के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
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सीटें बढ़ने के बाद मेरिट नीचे गिरेगी और स्टूडेंट्स को दाखिला मिल पाएगा। हर साल दाखिले के लिए राज्य सरकार की ओर से सीटें बढ़ाने के आदेश दिए जाते हैं।

मगर इस बार इंटरमीडिएट का रिजल्ट काफी अच्छा होने के बावजूद अभी तक सीटें बढ़ाने का आदेश नहीं आया।

जय नारायण पीजी कॉलेज (केकेसी) में बीकॉम की सेल्फ फाइनेंस सीटों की मेरिट 70 प्रतिशत से नीचे नहीं आ रही है।

अगर यहां पर सीटों में बढ़ोत्तरी हो जाए तो प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण स्टूडेंट्स को आराम से दाखिला मिल जाएगा। स्टूडेंट लगातार चक्कर काट रहे हैं कि आखिर कब सीटें बढ़ेंगी।
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जहां बीकॉम, बीएससी व बीए कोर्स में दाखिला पाने के लिए जबरदस्त होड़ है। आईटी कॉलेज, महिला पीजी कॉलेज, क्रिश्चियन कॉलेज आदि में दाखिले के लिए प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण स्टूडेंट भी चक्कर लगा रहे हैं।

मगर मेरिट नीचे खिसकने का नाम ही नहीं ले रही। सबसे अधिक मारामारी बीकॉम में है।

इसमें डिग्री कॉलेजों में करीब 7700 सीटें हैं और आवेदन करने वाले हजारों की संख्या में स्टूडेंट हैं।

राज्य सरकार स्नातक में 60 सीटों के सेक्शन को 80 सीटें करने का आदेश हर साल देती है। इसके चलते 33 फीसदी सीटें बढ़ जाती हैं।

लुआक्टा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मौलीन्दु मिश्रा कहते हैं कि आखिर राज्य सरकार कब सीट बढ़ाएगी।

शैक्षिक सत्र लेट हो रहा है और हजारों की संख्या में स्टूडेंट दाखिले के लिए दौड़-भाग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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