देहरादून के डीएवी में छात्रसंघ चुनाव की मतगणना और परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों पर लाठीचार्ज की पुलिस कार्रवाई को नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने बर्बरता करार दिया है।
उन्होंने सरकार से दो दिन में एसएसपी को बर्खास्त करने की मांग की है। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
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एनएसयूआई नहीं, बल्कि पुलिस हारी
शनिवार को एक रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ राणा ने कहा कि पुलिस का रवैया कुछ ऐसा था मानो चुनाव एनएसयूआई नहीं, बल्कि पुलिस हारी हो।
कहा कि लाठीचार्ज साजिश के तहत किया गया। छात्रसंघ महासचिव जोगेंद्र सिंह ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग उठाई। उपाध्यक्ष मोनिका ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया।
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गेट से भगा दिया
कहा कि जीतने के बाद पदाधिकारियों को कॉलेज के पिछले गेट से भगा दिया गया। चुनाव जीतने के बावजूद उनसे गलत बर्ताव किया गया।
विवि प्रतिनिधि प्रभाकर ने कहा कि परिणाम आने के बाद घर लौट रहे कई समर्थकों के वाहन पुलिस ने बिना वजह सीज कर दिए।
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वार्ता में सहसचिव अलीशा, राकेश नेगी, पारस गोयल, धीरज जोशी, कैलाश असवाल, आयुष सेमवाल आदि मौजूद रहे।
स्वाती भी विरोध में
अध्यक्ष पद पर हारी निर्दलीय प्रत्याशी स्वाती नेगी ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव में पुलिस की भूमिका मित्र की नहीं, बल्कि दबंगई से छात्रों को डराने-धमकाने वाली रही।