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डीयू के बाद छात्रों ने पकड़ी एमडीयू राह

Thu, 19 Jun 2014 04:46 PM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
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दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में आवेदन प्रक्रिया खत्म होने के बाद अब छात्रों का रुझान महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) के कॉलेजों की ओर बढ़ने लगा है। गुड़गांव के सरकारी कॉलेजों में दिल्ली के छात्र पहुंचने लगे हैं। बुधवार को कई छात्रों ने कॉलेजों में पहुंचकर जानकारी जुटाई और आवेदन किया।
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दरअसल, दिल्ली-एनसीआर के छात्रों की पहली पसंद डीयू के कॉलेज होते हैं। डीयू में 16 जून को आवेदन प्रक्रिया खत्म हो गई है, जबकि एमडीयू में आवेदन प्रक्रिया 15 जून से 30 जून तक चलेगी। वहीं, डीयू की हाई कट ऑफ का भय भी छात्रों को सता रहा है।

बीते सालों में डीयू की कट ऑफ 99 फीसदी तक रही है। इसी वजह से छात्रों को लग रहा है कि इस साल भी यही कट ऑफ 99 फीसदी के करीब रहेगी, जबकि गुड़गांव के कॉलेजों में अधिकतम 90 फीसदी तक मेरिट लिस्ट जाती है।
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वहीं तीसरी कट ऑफ तक यह 60 फीसदी तक आ जाती है। ऐसे में छात्रों को उम्मीद है कि गुड़गांव के कॉलेजों में दाखिला आसानी से मिल सकता है। छात्रों के गुड़गांव के रुझान का कारण एक साल बचना है।

राजकीय कॉलेज सेक्टर-14 में आए छात्र हिमांशु का कहना था कि डीयू के कॉलेजों में चार साल के कोर्स हैं, जबकि यहां तीन साल के कोर्स हैं। इससे एक साल की बचत होगी और आगे कैरियर बनाने में मदद मिलेगी।

सीबीएसई 12वीं कक्षा के परिणाम में जिला टॉपर रही रूहानी सेठ कहती हैं कि मुझे यूपीएससी की तैयारी करनी है, ऐसे में डीयू का चार साल का कोर्स करने के बाद यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होना मुनासिब नहीं है। एमडीयू के कॉलेजों में एडमिशन लेने से एक साल की बचत होगी, जिससे स्नातकोत्तर करने में भी आसानी होगी।

बता दें कि हरियाणा के कॉलेजों में बाहरी छात्रों के लिए 15 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। राजकीय कॉलेज सेक्टर-14 की एडमिशन काउंसलर सिलोनी बताती हैं कि दिल्ली के छात्र यहां एडमिशन के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं और आवेदन कर रहे हैं। राजकीय द्रोणाचार्य कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरके यादव का कहना है कि गुड़गांव के अलावा दिल्ली के छात्रों के आवेदन आ रहे हैं।
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