हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में देर शाम बड़ा हंगामा हुआ। छात्र सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। नारेबाजी होने लगी। मामला गरमाने लगा और करीब दो घंटे तक ये ड्रामा चला।
दरअसल छात्र गर्ल्स हॉस्टलों की बिजली काटने को लेकर गुस्से में थे। छात्रों के अनुसार विवि प्रशासन ने देर शाम नौ गर्ल्स हॉस्टलों की बिजली काट दी। हॉस्टलों में अंधेरा छाने का जैसे ही छात्र-छात्राओं को कारण पता चला तो वह चीफ वार्डन वीना शर्मा के आवास के बाहर आ गए।
यहां नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल बिगड़ता देख तुरंत पुलिस फोर्स को बुलाया गया। रात साढ़े आठ बजे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। आखिरकार छात्रों के आगे प्रशासन ने गलती मानी और बिजली चालू करने का भरोसा दिया।
छात्रों ने लगाए ये आरोप
छात्र-छात्राओं का कहना था कि बिजली बिना वजह काटी गई है। हॉस्टलों में छात्र-छात्राएं किसी कारण से रह रहे हैं। परीक्षाओं की तैयारी के लिए वह यहां रुके हैं। लेकिन विवि प्रशासन अपनी मनमानी कर रहा है।
विक्रम, राहुल चौहान, मोनिका चड्ढा और ज्योति ने कहा कि विवि प्रशासन की मनमानी नहीं चलेगी। वे तब तक आंदोलन जारी रखेंगे जब तक हॉस्टलों की बिजली बहाल नहीं की जाती। कहा कि हॉस्टलों में अचानक काटी गई बिजली से सैकड़ों छात्र-छात्राओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
डीएसपी शिव चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे थे। रात पौने नौ बजे तक यह मामला नहीं सुलझ पाया। हालांकि कुछ लड़कियां चीफ वार्डन बीना शर्मा से बात करने गई थीं। वहीं दूसरी तरफ हॉस्टलों में बिजली काटने से अंधेरा छाया हुआ था।
छात्र मुद्दों पर आंदोलन छेड़ेगी एबीवीपी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ तीस जनवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। एबीवीपी के प्रांत मंत्री आशीष सिक्टा ने कहा कि सरकार और विवि प्रशासन के शिक्षा तथा छात्र विरोधी फैसले का आने वाले समय में विरोध होगा। संगठन का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से होगा।
सिक्टा ने कहा कि बिलासपुर में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में इसका खाका तैयार कर लिया है। एबीवीपी पालपुर विश्वविद्यालय के कुलपति की गलत ढंग से की नियुक्ति और उन्हें पद से हटाए जाने की मांग को लेकर आंदोलन करेगी।
आंदोलन में केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए जगह तय कर भवन निर्माण करना, फीस बढ़ोतरी पर गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने, फीस कम करने, छात्र संघ चुनाव को बहाल करने और निजी शिक्षण संस्थानों में छात्रों को फीस में विशेष छूट देने की मांग शामिल रहेगी।