कॉलेजों के हजारों छात्र टेंशन में हैं। विवि की आनन-फानन वाली कार्यप्रणाली से ऐसी स्थिति बनी हैं। परीक्षा फार्म भरना छात्रों के गले की फांस बन गया है। अब एक और मुश्किल आने वाली है।
22 से कॉलेजों में अवकाश होने जा रहे हैं। 21 तक फार्म भरने की अंतिम तिथि है। तीन ही दिन शेष है। आवेदन की तिथि यदि बढ़ती भी है तो कॉलेज से छात्रों को मदद नहीं मिलेगी।
फिलहाल, छात्र आवेदन के हजारों झंझटों से जूझ रहे हैं। बिना लेट फीस आवेदन की अंतिम तिथि 21 मई है। इसके बाद 100 रुपये लेट फीस लगेगी। सवाल उठता है कि छात्र लेट फीस का खामियाजा क्यों भुगतें।
आधी अधूरी तैयारियों के साथ साइट पर डाले आधे अधूरे फार्म के कारण प्रदेश के हजारों छात्र परेशान हैं। फार्म भरने को तीन दिन शेष हैं, ऐसे में कैसे छात्र फार्म भरने की प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे।
बैंक में फीस जमा करवाने के इंतजाम अब तक नहीं हो सके हैं। ऐसे में हर ओर से मांग उठ रही है कि आवेदन की तिथि को बढ़ाया जाए, ताकि छात्र लेट फीस से बच सकें।
समस्या हल करने का होगा प्रयास : डा. झारटा
विश्वविद्यालय के कु लसचिव डा. मोहन झारटा ने माना कि कॉलेजों में फार्म भरने को लेकर समस्या हो रही है। इन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। तिथि बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
परीक्षा संचालन में फेल रहा विवि : ठाकुर
एबीवीपी के प्रदेश महामंत्री अजय ठाकुर का आरोप है कि परीक्षा संचालन में विवि पूरी तरह असफल रहा है, हर बार छात्रों को परेशान किया जा रहा है। फार्म भरने में रही खामियों को तुरंत दूर किया जाए। अंतिम तिथि को 30 मई किया जाए, वरना एबीवीपी आंदोलन करेगी।
विवि ने गुमराह कि ए छात्र : धंटा
एसएफआई के राज्य सहसचिव पुनीत धंटा का आरोप है कि विवि ने रूसा को लेकर छात्रों को गुमराह किया है, इसे लागू करने में विवि विफल रहा है। उन्होंने फार्म भरने की तिथि 30 मई करने की मांग उठाई है। आवेदन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।