इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई)2014 की प्रवेश काउंसलिंग में गुरुवार को स्टूडेंट अपनी मनपसंद सीट की चॉइस लॉक करने के लिए दिनभर पसीना बहाते रहे।
इसके बावजूद देर रात तक दिक्कत नहीं दूर हो सकी। देर शाम बमुश्किल बीटेक कोर्स की चॉइस लॉकिंग शुरू हुई और इसमें करीब 150 स्टूडेंट्स ने रैंक के अनुसार अपनी-अपनी चॉइस भरी।
इसके बाद फिर टेक्निकल प्रॉब्लम शुरू हो गई और काउंसलिंग ठप हो गई। रात करीब साढ़े आठ बजे बीटेक, एमबीए, एमएएम, बीऑर्क कोर्सेज की चाइस लॉक करने का काम जैसे-तैसे शुरू हो पाया।
यूपीटीयू व एनआईसी के अधिकारी देर रात तक इस टेक्निकल प्रॉब्लम को दूर करने के लिए प्रयास करते रहे।
एसईई के प्रवेश समन्वयक प्रो. जगवीर सिंह ने बताया कि फर्स्ट फेज की प्रवेश काउंसलिंग गुरुवार को टेक्निकल प्रॉब्लम के कारण ढंग से नहीं हो सकी।
शुक्रवार को चॉइस फिलिंग बेहतर ढंग से हो इसके पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। एसईई की प्रवेश काउंसलिंग में कॉलेजों में ब्रांचवार उपलब्ध सीटों का ब्यौरा यानी सीट मैट्रिक को अपलोड करने में दिक्कत हो रही थी।
दरअसल एसईई की काउंसलिंग में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नए कॉलेज जुड़ने थे।
बीती 26 जून को सुप्रीम कोर्ट ने एआईसीटीई को निर्देश दिए थे कि जिन कॉलेजों की संबद्घता की फाइलें लंबित हैं, उन्हें संबद्घता देने की प्रक्रिया शुरू करें।
ऐसे में नए इंजीनियरिंग कॉलेज की सीट मैट्रिक तैयार करने और उसे एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करने में भी समय लगा।
इसके बाद एनआईसी के सर्वर और सॉफ्टवेयर में अपलोडिंग को लेकर टेकिभनकल प्रॉब्लम शुरू हो गई। फर्स्ट फेज में रैंक 1 से लेकर 30 हजार तक के स्टूडेंट चॉइस लॉक कर रहे हैं।
तकनीकी दिक्कत के चलते चॉइस फिलिंग का समय एक दिन बढ़ाया जा सकता है।
इसकी घोषणा शुक्रवार को ही की जाएगी। इन स्टूडेंट्स के सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट 14 जुलाई व सीट कन्फर्मेशन का रिजल्ट 21 जुलाई को होगा।
इधर स्टूडेंट्स साइबर कैफे से लेकर यूपीटीयू द्वारा बनाए गए काउंसलिंग सेंटर पर भाग-दौड़ करते रहे। मगर संख्या में स्टूडेंट काउंसलिंग सेंटर से मायूस होकर लौटे।
राजधानी में शेरवुड कॉलेज में भी स्टूडेंट चॉइस फिलिंग के लिए गए मगर टेक्निकल प्रॉब्लम के कारण वह चॉइस नहीं भर पाए।