फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीन का असर: युवाओं ने चुनी बदलाव की राह

विज्ञापन
विज्ञापन
चीन में साइकिल से स्कूल व कॉलेज जाने की तर्ज पर अब भारत की युवा पीढ़ी भी ऐसे प्रयोग कर रही है। पर्यावरण की रक्षा, अच्छे स्वास्थ्य और पैसे की बचत को प्रेरित करने के लिए ऐसा ही प्रयोग महाराजा अग्रसेन कॉलेज के शिक्षकों व छात्रों ने शुरू किया है।
विज्ञापन


कॉलेज के शिक्षकों व छात्रों ने मैक पैडल पावर अभियान की शुरुआत की। अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कॉलेज ने छात्रों के 20 साइकिलें खरीदी हैं। युवा शिक्षकों ने तो साइकिल से कॉलेज तक जाना भी शुरू कर दिया है।

फिलहाल तीन छात्र ही कॉलेज आने-जाने के लिए साइकिल का प्रयोग कर रहे हैं। साइकिल से आने वाले छात्रों की संख्या इस वर्ष के अंत तक शत प्रतिशत करने की योजना है।
विज्ञापन

प्रेरणास्रोत बने युवा शिक्षक

मैक पैडल पावर अभियान से जुड़े कॉलेज के पत्रकारिता विभाग के युवा शिक्षक विनय राय ने बताया कि अभियान को शिक्षक व छात्रों ने मिलकर शुरू किया है। पत्रकारिता विभाग के एक अन्य शिक्षक डॉ. सुधीर कुमार रितेन लगातार मयूर विहार फेज-1 व कॉलेज के बीच की पांच-छह किलोमीटर की दूरी साइकिल से ही पूरी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण को सुधारने में मदद मिलेगी। अक्सर देखने में आता है कि छात्र साइकिल से आने-जाने में शर्म महसूस करते हैं। लिहाजा इसी झिझक को दूर करने के लिए अभियान को शुरू किया गया। इसमें कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुनील सोढ़ी ने भी मदद की है।
विज्ञापन

पैसे की होगी बचत, सेहत रहेगी बेहतर

डॉ. विनय रॉय ने बताया कि उनके कॉलेज के सबसे पास के मेट्रो स्टेशन मयूर विहार एक्सटेंशन व अशोक नगर हैं। काफी छात्र मेट्रो से ही पहुंचते हैं, लेकिन वहां से कॉलेज की 4-5 किलोमीटर की दूरी के लिए उन्हें रिक्शे में 50 रुपये तक चुकाने पड़ते हैं।

ऐसे में यदि छात्रों को मेट्रो स्टेशन पर ही साइकिल उपलब्ध होगी तो ना केवल पैसे की बचत होगी बल्कि उनकी सेहत भी बेहतर रहेगी।

मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग उपलब्ध कराने की योजना
इस अभियान में मेट्रो की मदद लेने की भी योजना बन रही है। इसके लिए मेट्रो से पार्किंग स्थल रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की बातचीत चल रही है। साथ ही कॉलेज में भी साइकिलों के लिए शेल्टर बनाने की योजना तैयार बन रही है। जिससे छात्र कॉलेज में भी साइकिल खड़ी कर सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें