फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो इसलिए फेल करता है MDU

Tue, 30 Sep 2014 07:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद सेक्टर-16 स्थित राजकीय महिला कॉलेज में भी लंबे समय से चले आ रहे खराब रिजल्ट की वजह से मंगलवार को छात्राओं को प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। उधर, छात्राओं ने हक के लिए आवाज उठाई तो उनके साथ हाथापाई की गई। आरोप है कि पैसा ऐंठने के लिए फेल कर दिया जाता है।
विज्ञापन


छात्राओं का आरोप है कि जिस विषय में कपार्टमेंट आया है, उसमें पूरी कक्षा ही फेल है। बीए में एक, बीबीए में अकाउंट्स और बीएससी में गणित व फिजिक्स विषय में पूरी कक्षा ही फेल है। पढ़ाई के बाद भी एमडीयू के हर वर्ष के रिजल्ट से छात्राओं का सब्र जवाब दे गया।

कॉपी पुन: जांचने व प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही छात्राओं का आरोप है कि प्राचार्य शोभा चुघ ने आश्वासन दिया मगर 15 दिन बाद भी हालात जस के तस हैं। नतीजा पढ़ाई छोड़कर छात्राओं को हंगामा प्रदर्शन करना पड़ रहा है। छात्राओं ने प्राचार्या पर भी बदसलूकी, बात नहीं करने का आरोप लगाकर हटाने की मांग की है।
विज्ञापन


उधर, छह घंटे के जाम के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर हाईवे जाम करने के दौरान पुलिस ने छात्राओं से हाथापाई की। इस दौरान मौके से महिला पुलिस नदारद रहीं। पुलिस की इस कार्रवाई से छात्राओं का आक्रोश और बढ़ गया।

रीफार्म के नाम पर ऐंठते हैं पैसा
छात्राओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय हर वर्ष ही विद्यार्थियों को किसी न किसी विषय में फेल कर देता है। कंपार्टमेंट आने पर रीफार्म भरने के लिए एक हजार रुपये लेता है। इससे इनकी गाढ़ी कमाई हो जाती है। वर्ष भर पढ़ाई के बाद भी छात्राएं बेमतलब का फार्म क्यों भरे। कक्षा 12वीं में जो छात्राएं 85-90 फीसदी अंकों से पास हैं, वे भी यहां फेल हैं। ऐसे में कॉपी पुन: जांची जाएं।

शिक्षक व विभिन्न युवा संगठन समर्थन में
विरोध प्रदर्शन कर रही छात्राओं के समर्थन में कॉलेज की कई अध्यापिकाएं भी आ गईं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की मनमानी से अच्छे विद्यार्थियों का भी रिजल्ट खराब आया है। किसी विषय में एक दो बच्चे फेल होंगे, यहां तो पूरी-पूरी कक्षाएं ही फेल हैं। कुछ ही देर में पास में स्थित नेहरू कॉलेज के विद्यार्थी भी मैदान में उतरकर एमडीयू के खिलाफ नारेबाजी कर दी। उधर, युवा शक्ति फरीदाबाद के अजय डागर ने कहा कि कुछ भी हो एमडीयू की मनमानी के खिलाफ छात्राओं का समर्थन जारी रहेगा। छात्रनेता जसवंत सैनी ने कहा कि पूर्व में भी एमडीयू के खिलाफ आवाज उठाई गई है और आगे भी जारी रहेगा। छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने देंगे। उधर, हंगामे के दौरान कॉलेज प्राचार्य को रोहतक स्थित विश्वविद्यालय जाने की बात बताई गई। प्राचार्य का फोन नंबर भी स्वीच ऑफ रहा।

सब्र दे गया जवाब
विश्वविद्यायल का हर वर्ष का नाटक है। वर्ष भर पढ़ने के बाद भी रिजल्ट जीरो है।
-प्रिया, छात्रा बीए
बीएससी में दो विषयों में विद्यार्थी फेल हैं। प्राचार्य बात नहीं करतीं। विश्वविद्यालय प्रबंधन सुनवाई नहीं करता। ऐसे में विरोध का ये जरिया चुना है।
-नेहा, छात्रा बीएससी
गुड़गांव में छात्रा द्वारा आत्मदाह के प्रयास के बाद रिजल्ट सुधर गया। क्यां यहां भी पुलिस व प्रबंधन वैसी घटना का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस भी सहयोग करने की जगह धमकी दे रही है।
-वर्षा, छात्रा बीबीए
12वीं तक कभी इंगलिश में कम नंबर नहीं आए। ग्रैजुएशन में आने के बाद से ही हर वर्ष ही इंगलिश में फेल कर देते हैं। कितना रीफार्म भरेंगे, विश्वविद्यालय के खाते में पैसे भरने के लिए।
विज्ञापन

-मधु, छात्रा बीए
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें