देहरादून के डीएवी कॉलेज की करारी हार के बाद एनएसयूआई में उठापटक का दौर जारी है।
गलत प्रत्याशी के चयन का आरोप
जिलाध्यक्ष के इस्तीफे के जवाब में प्रदेश प्रभारी ने तीन दिन पुराना निष्कासन पत्र जारी किया है। जबकि प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि उन्हें इस निष्कासन की कोई सूचना नहीं है।
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश प्रभारी अमित पठानिया ने डीएवी कॉलेज में मनमानी करते हुए गलत प्रत्याशी का चयन किया था। इस पर उन्होंने सोमवार को इस्तीफा दिया।
मंगलवार को प्रदेश प्रभारी की ओर से एक पत्र जारी हुआ, जिसमें बताया गया कि अनुशासनहीनता और प्रदेश सचिव श्रवण कुमार के साथ मारपीट व गालीगलौच के चलते विनीत भट्ट को 13 सितंबर को ही पद से निष्कासित कर दिया गया था। साथ ही उनके खिलाफ जांच बैठाई जा चुकी है। इसलिए इस्तीफा स्वीकार नहीं होगा।
तीन दिन तक क्यों नहीं दी गई सूचना?
उधर, विनीत का कहना है अगर उन्हें निष्कासित कर दिया गया था तो इसकी सूचना तीन दिन तक क्यों नहीं दी गई। दूसरी ओर, एनएसयूआई के जिला सचिव सिद्धार्थ पोखरियाल ने भी प्रदेश प्रभारी पर गलत प्रत्याशी के चयन का आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी चयन की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई।
मुझे इस निष्कासन की कोई जानकारी नहीं थी। आज जब निष्कासन का पत्र जारी हुआ तो मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष रोजी रॉन से बात की। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्ष को केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनका निष्कासन नहीं हुआ है।
- सुमित्तर सिंह भुल्लर, प्रदेश अध्यक्ष, एनएसयूआई