देहरादून के डीएवी कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष पद पर 13 साल के लंबे इंतजार के बाद किसी महिला प्रत्याशी ने चुनौती दी है।
स्वाति नेगी के नामांकन को कॉलेज की छात्र राजनीति में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले 1999 में रुचि सुबेदी ने अध्यक्ष पद पर दावा पेश किया था, लेकिन जीत नहीं पाई थी।
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पिछले वर्ष चार महिला प्रत्याशी मैदान में थीं, जबकि इस बार यह संख्या सात है। 2012 के छात्रसंघ चुनाव में सहसचिव पद पर सुमन ने धीरेंद्र सिंह को 1057 वोटों से मात दी थी।
कोषाध्यक्ष पद पर नेहा बिष्ट ने आशीष चमोली को 49 मतों से पराजित किया था। इनके अलावा उपाध्यक्ष पद पर हिमानी नेगी, कोषाध्यक्ष पद पर आरुषि ने भी दावा पेश किया था।
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इस बार अध्यक्ष पद पर महिला प्रत्याशी के कमी को निर्दलीय प्रत्याशी स्वाती नेगी ने दूर किया है। उपाध्यक्ष पद पर मोनिका, सिमरनजीत सिंह के अलावा सहसचिव पद अलीशा थामस ने दावा पेश किया है। कोषाध्यक्ष पद पर आकांक्षा कमल गुरुंग, विवि प्रतिनिधि पद पर आरुषि, छात्रा स्नातक प्रतिनिधि पद स्वाती भट्ट ने भी चुनौती पेश की है।
अध्यक्ष नहीं बनी कोई छात्रा
डीएवी में आज तक कोई भी महिला प्रत्याशी छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर चुनाव नहीं जीत पाई। स्वाति के नामांकन ने अध्यक्ष पद पर महिला प्रत्याशी की कमी को तो दूर किया है, लेकिन यदि वे जीतने में कामयाब रही तो कॉलेज के इतिहास में उनका नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो जाएगा।
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इतने लंबे अर्से में किसी लड़की ने हिम्मत नहीं दिखाई है। मैं यह दिखाना चाहती हूं कि डीएवी जैसे कॉलेज में एक लड़की भी लीडर की भूमिका निभा सकती है। मुझे लड़कियों का बहुत समर्थन भी मिल रहा है।
- स्वाती नेगी, अध्यक्ष पद प्रत्याशी
डीएवी छात्र संगठन लड़कियों को आगे बढ़ने का मौका नहीं देते। मैंने कोशिश की है, बाकी किस्मत है।
- आरुषि, निर्दलीय प्रत्याशी, विवि प्रतिनिधि
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