उत्तराखंड के बाजपुर में छात्रसंघ चुनाव-प्रचार को लेकर कांग्रेस और भाजपा समर्थित गुटों के बीच जमकर लाठी डंडे और तलवारें चली। इसमें दोनों गुटों के तीन छात्रों सहित पांच घायल हो गए।
कॉलेज में मच गई अफरातफरी
घटना से डिग्री कॉलेज में अफरातफरी मच गई और पठन-पाठन भी प्रभावित रहा। एक पक्ष ने तहरीर दी है। समाचार लिखे जाने तक दूसरे गुट ने तहरीर नहीं दी गई थी।
छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद संभावित प्रत्याशी नवदीप सिंह नवी (कांग्रेस समर्थित गुट) और दूसरे संभावित प्रत्याशी गुरमीत सिंह गिल (भाजपा समर्थित गुट) के बीच चुनाव को लेकर पिछले सप्ताह से तकरार चल रही है।
सोमवार दोपहर कॉलेज में दोनों गुटों में कहासुनी, गालीगलौज हो गई। जिस पर प्राचार्य सहित स्टाफ ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया। लेकिन कुछ देर बाद दोनों गुट फिर से आमने-सामने हो गए और देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच जमकर लाठी डंडे, तलवारें चल गईं।
छात्रों के गुटों में संघर्ष को देखकर कॉलेज में अफरातफरी मच गई। मारपीट में एक पक्ष के मनदीप सिंह खैरा, रंजीत सिंह और दूसरे पक्ष के हरप्रीत सिंह, हरजीत सिंह और विपिन घायल हो गए। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही दोनों गुट फरार हो गए।
कांग्रेस समर्थित गुट ने जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा के नेतृत्व में कोतवाल डीआर आर्य का घेराव कर तहरीर सौंपी।
घटना में घायल छात्र नेता मंदीन सिंह खैरा, छात्रसंघ उपाध्यक्ष रंजीत सिंह की तरफ से दी गई तहरीर में छात्रसंघ अध्यक्ष के संभावित प्रत्याशी गुरमीत सिंह, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अमर सिंह रंधावा सहित नौ युवकों पर लाठी डंडे, तलवार और तमंचे से हमला कर मोबाइल, दस हजार नकदी छीनने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और धमकी देने का आरोप लगाया है।
इधर शाम को भाजपा समर्थित गुट ने भाजपा नेता राजेश कुमार, राष्ट्रीय सिख संगत प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र सिंह नामधारी, सांसद प्रतिनिधि विकास गुप्ता के नेतृत्व में सीओ जीएस पांगती का घेराव कर घटना की जानकारी दी।
विपिन ने बताया कि वह हरप्रीत सिंह और हरजीत सिंह का प्रवेश कराने कॉलेज गया था कि चुनावी तकरार को लेकर दूसरे गुट के समर्थक मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। उसने बताया मारपीट के चलते प्रवेश भी नहीं हो पाया।
प्राचार्य सहित स्टाफ सीओ से मिला
राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कमला चंयाल, चीफ प्राक्टर डॉ. भरत उपाध्याय, डॉ. साधना पंत, डॉ. संध्या ने कोतवाली पहुंचकर सीओ को घटना के बारे में बताया। प्राचार्य ने सीओ को तहरीर देकर कॉलेज में पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।
सीओ ने प्राचार्य की तहरीर के आधार पर जांच कराने की बात कही है। वहीं, सीओ जीएस पांगती ने बताया कि मारपीट मामले की जांच एसएसआई हिमांशु पंत को सौंपी गई है। 18 सिंतबर से कॉलेज में छात्र संघ चुनाव होने तक पुलिस बल तैनात रहेगा।