छात्र एकता मंच ने फीस वृद्धि और एचपीयू में धारा-144 का विरोध करने वाले छात्रों पर लाठियां भांजने और उन्हें लात घूंसों से पीटने की घटना का विरोध किया है।
मंच के पदाधिकारी मुनीष शर्मा, आशीष सिक्टा और राहुल चौहान ने कहा कि सरकार छात्र हितों के लिए सड़क पर उतरे युवाओं के आंदोलन से घबरा गई है।
आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। 18 सितंबर को छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद दस अक्तूबर को फिर आम छात्रों पर पुलिस का कहर बरपा।
छात्रों को लात घूंसों से पीटा गया। घसीट कर उन्हें गाड़ियों में ठूंसा गया। उसके बाद मीडिया की नजर से दूर जुन्गा रोड पर ले जाकर छात्रों को गाड़ियों में पीटा गया।
उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। आंदोलनकारी छात्रों को गिरफ्तार कर उन पर झूठे केस बनाने का प्रयास सरकार के इशारे पर किया जा रहा है।
मंच ने लाठीचार्ज और पुलिस की इस बर्बरता की न्यायिक जांच मांगी है। सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी से हटकर विवि का बजट बढ़ाने के बजाय सारा खर्च फीस बढ़ाकर आम छात्रों की जेब से वसूलने का प्रयास कर रही है।
इसके खिलाफ उठ रही आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। दमन के बावजूद मंच का यह आंदोलन और उग्र होगा। मंच ने विवि परिसर से धारा-144 हटाने और बढ़ाई गई फीस को वापस लेने की मांग की है।