पीजी कक्षाओं में डेढ़ हजार रुपये परीक्षा शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में डिग्री कॉलेजों के छात्रों ने पैदल मार्च निकाला और लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया।
छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफ लाइन करने की भी मांग की। सोमवार को बड़ी संख्या में एलयू पहुंचे छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि विवि प्रशासन की ढिलाई के कारण कॉलेज बेलगाम हो गए हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है।
छात्रों ने कुलपति डॉ. एसबी निमसे को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि जो कॉलेज 33 प्रतिशत सीटें नहीं बढ़ा रहे उन्हें सीट बढ़ोतरी करने के आदेश दिए जाएं।
छात्रनेता अमित यादव और जय प्रकाश ने कहा कि केकेसी व अन्य डिग्री कॉलेजों में स्नातक की सीटों की वृद्घि के बारे में जानकारी नहीं दी जा रही।
बीए व बीकॉम के साथ-साथ बीएससी में भी सीटें बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि एलयू व कॉलेजों में इस बार बीएससी मैथ व बीएससी बॉयो की कटऑफ काफी ऊंची रही है।
ऐसे में फर्स्ट डिविजन पास स्टूडेंट भी दाखिले के लिए परेशान हैं। छात्रों का कहना था कि एलयू ने बीते साल बैक पेपर व इंप्रूवमेंट की फीस बढ़ाकर 1200 रुपये कर दिया।
इससे गरीब छात्रों को परेशानी हो रही है। इसके अलावा केकेसी में अभी तक परिचय पत्र भी नहीं बांटा गया है।
केकेसी के स्टूडेंट रहे ज्योति राय का निष्कासन भी वापस लेने की मांग की गई। कुलपति ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर जल्द विचार कर ठोस निर्णय लिया जाएगा।