सोमवार को राजधानी देहरादून स्थित डीएवी कॉलेज में एक बार फिर इतिहास रचा गया। व्यवस्थाओं के लेकर कॉलेज में पहली बार छात्र संसद आयोजित की गई।
प्राचार्य और छात्र संघ पदाधिकारी बने प्रॉक्टर
इस दौरान कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन और छात्र संघ के पदाधिकारी प्रॉक्टर बने। कॉलेज के अन्य छात्र-छात्राओं ने भी इस कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया। इस दौरान छात्रों ने प्राचार्य के सामने अपनी समस्याएं रखीं।
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संसद में छात्रों ने डॉ. देवेंद्र भसीन को अपनी आपबीती सुनाई और उनसे समस्या का जवाब मांगा। कार्यक्रम में छात्रों ने कहा कि शिक्षक कक्षा में पढ़ाते नहीं हैं, लेकिन अगर कभी कक्षा में आने में थोड़ी देर हो जाए तो मुंह तोड़ देने की बात कहते हैं।
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छात्रों ने कॉलेज के शिक्षकों पर कॉलेज के नियम तोड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कॉलेज में जगह-जगह नो स्मोकिंग बोर्ड लगे हैं, लेकिन शिक्षक इन्हीं जगहों पर जाकर स्मोकिंग करते हैं। संसद में छात्रों ने कॉलेज की व्यवस्थाओं को बदलने को लेकर अपनी आवाज मुखर की।
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