हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संजय रावत का पंपलेट हवा से जमीन पर बरसा रहे कैमकॉप्टर को मंगलवार दोपहर पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने कैमकॉप्टर के साथ रिमोट कंट्रोल एवं फ्यूल को जब्त कर ऑपरेटर को हिरासत में ले लिया है।
पूछताछ से पता चला कि संजय रावत ने कैमकॉप्टर को किराए पर पंजाब से मंगाया था। समझा जाता है कि उत्तराखंड में पहली बार छात्रसंघ चुनाव में हवाई प्रचार के लिए इस तकनीकी का प्रयोग किया गया है। कैमकाप्टर देखने के लिए कालेज में भीड़ इकट्ठा हो गई थी।
छात्रसंघ चुनाव के नामांकन में मंगलवार दोपहर अचानक आसमान में हेलीकॉप्टर जैसे उड़ते हुए कैमकॉप्टर को देखकर छात्र की नहीं, शिक्षक और वर्दीधारी भी चकित रह गए।
लोगों ने समझा कि पंतनगर एयरपोर्ट से कोई ट्रेनिंग के लिए हेलीकॉप्टर लेकर उड़ रहा है, लेकिन हवा से पंपलेट गिरते हुए देखकर एसपी सिटी पंकज भट्ट और सिटी मजिस्ट्रेट आरडी पालीवाल को शक हो गया।
पुलिस को इस बारे में छानबीन करने का आदेश
दोनों अधिकारियों ने पुलिस को इस बारे में छानबीन करने का आदेश दिए। छानबीन के दौरान काठगोदाम थानाध्यक्ष राजेश यादव को सूचना मिली कि इंटर कॉलेज परिसर से कोई कैमकॉप्टर रिमोट से उड़ा रहा है।
सूचना पर थानाध्यक्ष ने दीवार फांदकर कैंमकॉप्टर के आपरेटर को इंटर कॉलेज परिसर से रिमोट कंट्रोल और एक बोतल में रखे पेट्रोलियम पदार्थ के साथ पकड़ लिया। उसे एसपी सिटी के समक्ष लाया गया। पकड़ा गया आपरेटर राजकुमार पंजाब प्रांत के पटियाला फारा चौक का रहने वाला है।
ऑपरेटर ने बताया कि बरामद कैमकाप्टर पटियाला के संदीप सिंह लुवाना का है। इसे किराए पर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संजय रावत ने एक दिन के लिए मंगाया था। वह हवा में छह बार पंपलेट गिराने के लिए उड़ाया था।
एक दिन का किराया 15 हजार रुपए हैं। कॉलेज के चुनाव अधिकारी ने भी इसे नियम के खिलाफ बताया, लेकिन पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट के बीच इस बात को लेकर आधे घंटे जद्दोजहद चलती रही कि कैमकॉप्टर को किस अधिनियम के तहत जब्त किया जाए। काफी देर बाद कोतवाल ने कैमकॉप्टर को जब्त कर लिया।
500 मीटर ऊंचाई पर उड़ता है कैमकॉप्टर
हिरासत में लिए गए ऑपरेटर का कहना था कि यह खिलौने की श्रेणी में आता है। इसका लाइसेंस मैनेजर के पास है, लेकिन ऑपरेटर कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका।
इस मामले में सीओ जीसी टम्टा ने एयरपोर्ट से सिविल एविएशन विभाग के अधिकारियों को सूचना भेज दी है। अधिकारियों का कहना था कि कैमकॉप्टर डीएम या सिविल एविएशन विभाग की अनुमति के बगैर हवा में उड़ाया नहीं जा सकता है। भीड़ या सड़क पर गिरने के बाद कैमकॉप्टर किसी को क्षति पहुंचा सकता है।
आपरेटर राजकुमार ने बताया कि रिमोट कंट्रोल से संचालित कैमकॉप्टर एक बार फ्यूल भरने के बाद 15 मिनट तक हवा में लगभग 500 मीटर ऊंचाई तक उड़ता है। रिमोट के माध्यम से ही उसे छोटे रनवे पर उतारा जाता है।
उतारने के लिए इस उपकरण को 20 मीटर रनवे की जरूरत पड़ती है। कैमकॉप्टर के अगले हिस्से में एक हवाई पेट्रोल से संचालित इंजन लगा है। इसके साथ दो डैने भी हैं।
शादी में फूल बरसाने के लिए ऑपरेटर तीन बार रुद्रपुर आ चुका है। ऑपरेटर के अनुसार कैमकॉप्टर की कीमत 25 हजार है, लेकिन उड़ाने के लिए प्रतिदिन 10 से 15 हजार रुपए उसका किराया पड़ता है।